तालिबान सरगना मुल्ला उमर जिंदा है। अमेरिका ने अफगानिस्तान में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए उससे वार्ता के लिए संपर्क साधा है। यह दावा मीडिया रिपोर्टो में किया गया है। गत मई में उत्तर वजीरिस्तान में अमेरिकी ड्रोन हमले में उमर के मारे जाने की खबर आई थी। हालांकि अमेरिका और पाकिस्तान ने उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा कि पूर्व अफगान तालिबान प्रवक्ता अब्दुल हकीक उर्फ मुहम्मद हनीफ ने उमर के साथ वार्ता कराने में अमेरिका की मदद की। पाकिस्तान में 2005 में मुख्य प्रवक्ता अब्दुल लतीफ हकीमी के गिरफ्तार किए जाने के बाद हकीक तालिबान के चर्चित प्रवक्ताओं में से था। अमेरिका और अफगान सुरक्षाबलों ने हकीक को जून 2007 में अफगानिस्तान में गिरफ्तार किया था। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अब तक तालिबान के साथ बातचीत के बारे में कई दावे किए थे, लेकिन इस संबंध में पाकिस्तान और अफगानिस्तान को कभी विश्वास में नहीं लिया। अमेरिका ने कथित तौर पर पेशकश की थी कि दक्षिण अफगानिस्तान का नियंत्रण तालिबान को दिया जाए जबकि उत्तर क्षेत्र अमेरिकी प्रभाव वाली अन्य राजनीतिक ताकतों के लिए छोड़ दे, लेकिन तालिबान ने इसे खारिज कर दिया। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के पूर्व प्रमुख हामिद गुल का कहना है कि तालिबान के लिए ऐसी पेशकश स्वीकार करना संभव नहीं है, क्योंकि इससे अफगानिस्तान विभाजन की ओर बढ़ सकता है।
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