ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के करीब डेढ़ महीने बाद अयमान अल जवाहिरी को अलकायदा का मुखिया नियुक्त किया गया है। अलकायदा ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में यह जानकारी दी है। आतंकी संगठन के मुखिया के दावेदारों में जवाहिरी के अलावा कुछ और भी दावेदार शामिल थे, लेकिन मिस्र में फार्मोकोलॉजी के प्रोफेसर के बेटे और ओसामा का दाहिना हाथ माने जाने वाले जवाहिरी को उसकी आतंक की विरासत संभालने का जिम्मा मिला। इससे पहले खबर आई थी कि सैफ अल अब्देल को अलकायदा की कमान सौंपी गई है। अलकायदा के संस्थापक सदस्यों में एक 59 वर्षीय जवाहिरी ने इस संगठन में दूसरे नंबर के नेता के रूप में दो दशक तक अहम भूमिका निभाई। काइरो के पॉश इलाके मादी उपनगर में पला बढ़ा जवाहिरी शुरू से ही पश्चिमी देशों के खिलाफ था। इस्लामी वेबसाइट अंसार अल मुजाहिदीन के मुताबिक, अलकायदा ने एलान किया है कि जवाहिरी ने संगठन के अमीर (प्रमुख) की जिम्मेदारी संभाल ली है। माना जा रहा है कि वह पाकिस्तान अफगानिस्तान सीमावर्ती क्षेत्र से अलकायदा का अभियान चलाएगा। जवाहिरी 9/11 हमले से पहले ही अमेरिका में वांछित है। उसे 1998 में तंजानिया और केन्या में अमेरिकी दूतावासों पर हमले के मामले में 1999 में दोषी ठहराया गया था। अमेरिका ने उस पर 2.5 करोड़ डॉलर (करीब 113 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित कर रखा है। जवाहिरी के अलकायदा प्रमुख बनने से अमेरिका की मुश्किल और भी बढ़ सकती है। आठ जून को अपने जारी वीडियो में कहा था कि ओसामा मरने के बाद भी अमेरिका को डराता रहेगा। उसने पश्चिमी देशों पर हमला जारी रखने की बात भी कही थी। ओसामा के मारे जाने के जवाहिरी के अलावा हुजी (हरकत उल जिहाद अल-इस्लाम) प्रमुख इलियास कश्मीरी का भी दावेदारों में शामिल था। कश्मीरी को जवाहिरी से प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उसके मारे जाने की खबरों के बाद जवाहिरी संगठन के लिए एकमात्र विकल्प रह गया था। जवाहिरी ने लादेन की प्रशंसा करते हुए लिखा है कि जब वह जिंदा थे तब उन्होंने अमेरिका को आतंकित कर दिया और अब मौत के बाद भी अमेरिका के लिए वह खौफ बने हुए हैं। बयान में अलकायदा की नीति में किसी भी प्रकार से बदलाव से इंकार किया गया है.
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