मंुबई हमलों के साजिशकर्ताओं में शामिल पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी ने कहा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ भारत के सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों की भर्ती करना चाहती थी। ताकि वह भारतीय सेना के खुफिया तंत्र को जान सके और भारत विरोधी गतिविधियों के लिए इनका इस्तेमाल कर सके। पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हेडली ने यह बात शिकागो की अदालत में चली 26/11 के अन्य आरोपी कनाडाई मूल के अमेरिकी नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा की सुनवाई में कही थीं। हेडली ने अपने बचपन के दोस्त राणा के खिलाफ गवाही दी थी। उसने बताया था कि 26/11 से करीब 6 महीने पहले आइएसआइ में उसके आका मेजर इकबाल ने उसे मुंबई के अखबारों में विज्ञापन देने को कहा था। उसने कहा था कि कनाडा की रोजगार एजेंसी के हवाले से विज्ञापन दो कि कनाडा में काम करने के इच्छुक लोगों की जरूरत है। वह चाहता था कि भारत के सुरक्षा बलों और सेना से जुड़े रहे लोग इस विज्ञापन के जरिए आतंकी नेटवर्क से जुड़ जाएं। इकबाल ने उसे विज्ञापन छपवाने के लिए 25 हजार रुपये भी दिए थे। इससे पहले भी इकबाल ने हेडली से कहा था कि वह मुंबई में राणा को आव्रजन व्यवसाय शुरू करने में मदद करे। इस व्यवसाय की आड़ में ही हेडली और राणा भारत आने-जाने के अलावा मंुबई के ठिकानों की रेकी करते थे। इकबाल के आदेश पर जुलाई, 2008 में हेडली मुंबई लौटा और उसने आव्रजन सेवा से जुड़े अपने दफ्तर को बंद करने की तैयारी शुरू कर दी। इसी दौरान उसने मुंबई के प्रमुख जगहों की आखिरी बार टोह ली, जिसके आधार पर मेजर इकबाल ने हमले की योजना को अंजाम देने का फैसला किया। निशाने पर नहीं था ओबरॉय, हेडली ने अपनी मर्जी से बना लिया वीडियो करीब ढाई साल पहले आतंकवादियों ने मुंबई हमले के दौरान ओबरॉय होटल में भीषण रक्तपात मचाया था, लेकिन आइएसआइ से जुड़े साजिशकर्ताओ ने पहले अपने निशाने में इस आलीशान होटल को नहीं रखा था। दरअसल एक फिल्म देखने पहुंचे आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने समय बिताने के लिए अपनी मर्जी से इस होटल का वीडियो बना लिया था। पिछले दिनों तहव्वुर हुसैन राणा के खिलाफ मुकदमें में बतौर गवाह हेडली ने यह खुलासा किया था। हेडली ने अदालत को बताया कि आइएसआइ के मेजर इकबाल ने मुझे मुंबई के चाबाद हाउस का वीडियो बनाने का आदेश दिया था। चाबाद हाउस का वीडियो बनाने के बाद मैं फिल्म देखने गया, लेकिन फिल्म शुरू होने में एक घंटे का वक्त था। ऐसे में मैंने ओबरॉय होटल का भी वीडियो बना दिया.
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