Wednesday, June 1, 2011

शिवसेना कार्यकर्ता रेगे से गांठी थी हेडली ने दोस्ती


मंुबई हमलों के मुख्य आरोपी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी ने शिवसेना तक अपनी पहंुच बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता राजाराम रेगे से दोस्ती की थी। रेगे भी हेडली के साथ मित्रता करना चाहते थे, ताकि इससे उन्हें फायदा हो सके। शिकागो में चल रही 26/11 के सहआरोपी कनाडाई मूल के पाकिस्तानी नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा की सुनवाई में यह अहम बातें सामने आई है। रेगे ने 19 मई, 2008 को हेडली को भेजे ईमेल में लिखा था कि यदि अमेरिका या अन्य देश का कोई व्यक्ति भारत में कोई उपक्रम स्थापित करने या निवेश करने का इच्छुक है तो मैं उसके लिए काफी उपयोगी व्यक्ति हूं क्योंकि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत 10 हजार करोड़ रुपये के ठेके मेरे पास हैं। ईमेल की एक प्रतिलिपि संघीय अभियोजकों ने अदालत में पेश की है। रेगे ने अपने मजबूत राजनीतिक संपर्को का हवाला देते हुए हेडली को भारत में बड़े ठेके दिलवाने का लालच दिया था। उन्होंने लिखा है, मेरे पास हजारों करोड़ रुपये की निर्माण, बांध, नहर, बिजली, दवा और शिक्षा की ढेरों परियोजनाएं हैं। रेगे ने हेडली के साथ अपना भी जुगाड़ बैठाने की कोशिश की थी। उन्होंने लिखा था, वहां का आइटी क्षेत्र कैसा है? अगर वहां की बड़ी कंपनियों के साथ आपके अच्छे संबंध हैं, तो मैं आपको बताना चाहूंगा कि मैं भी कंप्यूटर इंजीनियर हूं और 16 साल से इस क्षेत्र में हूं। हेडली ने अदालत को बताया कि रेगे के ईमेल का जवाब कैसे देना है, इसके दिशानिर्देश उसके पाकिस्तानी आका देते थे। वे लोग शिवसेना को एक आतंकी संगठन मानते थे और पार्टी के नेताओं की हत्या करना चाहते थे। हेडली ने रेगे के मेल के जवाब में लिखा था कि मेरे बॉस मिस्टर सेंडर्स स्पेन में छुट्टी मना रहे हैं, मैं उनसे बात करके आपको बताऊंगा। वह इन सभी मेल की कॉपी राणा और आइएसआइ के मेजर इकबाल को भी भेजता था। हेडली से दो बार मिला : रेगे मंुबई, एजेंसी : शिवसेना कार्यकर्ता राजाराम रेगे ने कहा कि वह 2008 में लश्कर के आतंकवादी हेडली के साथ केवल दो बार मिले थे और उसके बाद ईमेल से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि हेडली से मुलाकात के दौरान फिल्मकार महेश भट्ट का बेटा राहुल भट्ट वहां नहीं था और मुझे ठीक से वह तारीख भी याद नहीं है। मेरे लिए वह शिवसेना भवन में आने वाले अन्य विदेशी पर्यटकों की तरह था.

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