देश पर अभूतपूर्व हमले की साजिश की तरफ 26/11 के मुख्य आरोपी डेविड कोलमैन हेडली ने भी अपने बयान में इशारा किया है। शिकागो की अदालत में दिए बयान में हेडली ने कहा कि मंुबई हमलों के बाद पाकिस्तानी आतंकियों का अगला निशाना दिल्ली का नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) है। 26/11 के मास्टरमाइंड्स में से एक इलियास कश्मीरी का मानना है कि सेना के इस संस्थान को निशाना बनाकर इतने भारतीय ब्रिगेडियरों को मारा जा सकता है, जितने पाकिस्तानी सेना भारत के साथ चार युद्धों में भी नहीं मार सकी। हेडली ने बताया कि मंुबई हमलों के कुछ महीने बाद, कश्मीरी ने उससे मुलाकात की थी और उसे दोबारा भारत जाने और वहां दिल्ली के एनडीसी और विभिन्न शहरों के यहूदी संस्थानों चाबाद हाउस की टोह लेने को कहा। जब हेडली, पाकिस्तानी सेना के पूर्व अधिकारी अब्दुर रहमान उर्फ पाशा के साथ फरवरी, 2009 में कश्मीरी से मिलने वजीरिस्तान गया, तो वह लश्कर के आतंकियों के बीच सर्विलेंस एक्सपर्ट (टोही विशेषज्ञ) के रूप में उभरा। इसी वजह से उसे हमलों की साजिश का मुख्य हिस्सा बनाया गया था। खूनखराबा देख हेडली खुश शिकागो, एजेंसी : डेविड कोलमैन हेडली ने अपनी गवाही में कहा है कि पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा मंुबई हमलों को अंजाम देता देखकर वह बहुत खुश था। मंुबई हमले के बारे में एक टेक्स्ट मैसेज के जरिए उसे जानकारी मिली थी, जिसमें लिखा गया था कि टीवी खोलो। जब अभियोजक डेनियल कॉलिन्स ने पूछा कि उसे टीवी पर हमले की खबरें देख कर कैसा महसूस हुआ, तो हेडली ने कहा, मैं बहुत खुश था। हेडली ने यह भी दावा किया कि उसने हमले से पांच महीने पहले ही राणा को पूरी साजिश के बारे में बता दिया था, इस पर राणा ने कहा था, गुड.
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