ह्यूमन राइट वॉच का दावा, अगवा करने के बाद आइएसआइ ने हत्या की
पाकिस्तान में रविवार से लापता पत्रकार सैयद सलीम शहजाद का शव मंगलवार को इस्लामाबाद से 200 किमी दूर सराय आलमगीर में मिला। स्थानीय समाचार पत्र डॉन के मुताबिक शहजाद एशिया टाइम्स ऑनलाइन के पाकिस्तान में ब्यूरो प्रमुख थे और इटली की समाचार एजेंसी एकेआइ से भी जुड़े थे। शहजाद के शव की जांच करने वाले डॉक्टर ने कहा, पसलियां टूटी हुई हैं इसका मतलब यह हुआ कि इन्हें पीट-पीटकर मारा गया। उनके पैर की बाई ओर जख्म भी हैं। इससे पहले खबर आई थी कि कराची स्थित नौसेना के हवाईअड्डे पर हाल में हुए आतंकवादी हमले पर सटीक रिपोर्ट लिखने की वजह से इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आइएसआइ) ने उन्हें अगवा किया है। शहजाद ने अलकायदा, तालिबान और अफगान तालिबान के पाकिस्तान की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों से संबंधों को उजागर करने वाली रिपोर्ट लिखी थी। इसमें कराची नौसैनिक अड्डे की साजिश में पाक नेवी के शामिल होने की बात भी कही गई थी। शहजाद की रिपोर्ट कितनी सटीक थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पाक पुलिस ने सोमवार को पूर्व नेवी अधिकारी को कराची नौसैनिक अड्डे पर हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया। भारत के समाचार पत्र द हिंदू के साथ भी जुड़े रहे शहजाद के परिवार का आरोप है कि उन्हें आइएसआइ से धमकियां मिल रही थीं। एक मानवाधिकार संगठन के मुताबिक शहजाद ने एशिया टाइम्स ऑनलाइन के लिए इस्लामी संगठनों पर एक विस्तृत रिपोर्ट लिखी थी। शहजाद एक टीवी टाक शो में हिस्सा लेने के लिए घर से निकले ही थे कि लापता हो गए। शहजाद के करीबी लोगों ने समाचार पत्र डेली टाइम्स को बताया कि सुरक्षाबलों और आइएसआइ से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। शहजाद को चेताया गया था कि वह आतंकी संगठनों और पाक सुरक्षाबलों की रिश्तों पर प्रकाश न डालें। शहजाद के करीबी मानते हैं कि 22 मई को कराची में नौसेना के एक प्रमुख हवाईअड्डे पर हुए आतंकवादी हमले पर उनकी रिपोर्ट के कारण ही शहजाद को अगवा किया गया है। आतंकवादियों ने पीएनएस मेहरान हवाईअड्डे पर धावा बोलकर दो चौकसी विमानों को नष्ट कर दिया था। हमलावरों और सुरक्षाबलों के बीच 17 घंटे तक चली मुठभेड़ में 10 सुरक्षाकर्मी और चार आतंकवादी मारे गए थे। मानवाधिकार संगठन, ह्यूमन राइट्स वाच ने कहा कि उसे पता चला है कि शहजाद आइएसआइ के कब्जे में थे। संगठन के पाकिस्तान प्रतिनिधि अली दयान हसन अली ने डेली टाइम्स को सोमवार को बताया कि उनके संगठन के पास सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पत्रकारों के अपहरण के इस तरह के कई मामले हैं। शहजाद के करीबियों ने अखबार को बताया कि खुफिया अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। उन्होंने उन्हें जल्द रिहा करने का वादा किया था।
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