Wednesday, June 29, 2011

पाकिस्तान की अमेरिकन मार्केट से हथियार खरीदता है तालिबान


अगर आप सोचते हैं कि पाकिस्तान में अत्याधुनिक बंदूक, ग्रेनेड और नाइट विजन गॉगल जैसे सैन्य साजो सामान पाना मुश्किल है, तो आप गलत हैं। उत्तर-पश्रि्वम में पेशावर शहर के अमेरिकन मार्केट नाम के बाजार में कंप्यूटर, लैपटॉप जैसे उपकरणों की आड़ में धड़ल्ले से हथियार बिकते हैं। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने अमेरिकन मार्केट के एक लैपटॉप विक्रेता के हवाले से लिखा है कि यहां पर अधिकांश हथियार आतंकी संगठन तालिबान द्वारा खरीदे जाते हैं। यद्यपि कुछ लोग अपने लिए भी यहां से हथियार खरीदते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा हथियार यहां से आतंकी संगठनों को ही जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस बाजार का नाम अमेरिकन मार्केट इसलिए है क्योंकि यहां पर चोरी का अमेरिकी माल मिलता है। अमेरिका यह सामान पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान में नाटो सेनाओं के लिए भेजता है। लोग इन्हें रास्ते में ही चोरी करके बाजार में बेच देते हैं। इस बाजार में स्कैनर से लेकर लैपटॉप तक सभी अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलते हैं, लेकिन यहां अधिक संख्या हथियारों की होती है। लैपटॉप विक्रेता ने बताया कि अमेरिकन मार्केट पाकिस्तान में इस तरह का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। इस प्रकार के बाजार बारा, जमरूद और दारा आदम खेल में भी हैं। दारा आदम खेल में एक सैन्य ठिकाना भी है। अखबार की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तालिबान को रूस से भी तस्करी के जरिए हथियारों की आपूर्ति होती है। एक विशेषज्ञ ने दावा किया है कि एक समय में श्रीलंका का विद्रोही संगठन लिट्टे भी पाकिस्तान को हथियार मुहैया कराता था। अखबार में यह भी कहा गया है कि अमेरिका मानता है कि तालिबान को ईरान से भी हथियार मिलते हैं। आतंकियों के ठिकाने में एक बार मारे गए छापे में भी ईरान निर्मित एके-47 राइफल मिली थी। यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि ईरान से यह राइफल तस्करी के जरिए आई थी या ईरान सरकार ने तालिबान को स्वयं दी थी। तालिबान के वीडियो में आतंकियों के पास कई बार चीन के भी हथियार दिखाई दिए हैं। लैपटॉप विक्रेता का कहना है कि अमेरिका अफगानिस्तान के नागरिकों को तालिबान से लड़ने के लिए हथियार देता है। मगर वे इसे पाकिस्तान के लोगों को बेच देते हैं और ये लोग इन्हें अमेरिकन मार्केट जैसे बाजारों में उतार देते हैं.

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