Saturday, October 13, 2012

इंडियन मुजाहिदीन के तीन आतंकी गिरफ्तार




ठ्ठ जागरण संवाददाता, नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गत एक अगस्त में हुए पुणे ब्लास्ट का खुलासा कर इंडियन मुजाहिदीन (आइएम) के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र से आए आतंकियों के निशाने पर दिल्ली के बाजार और बिहार का बोधगया शहर थे। दशहरा और दीपावली के मौके पर आइएम का इरादा इन दोनों शहरों में विस्फोट करने का था। आतंकियों की पहचान महाराष्ट्र निवासी असद खान, इमरान खान और सैयद फिरोज उर्फ हमजा के रूप में हुई है, जो पाक में बैठे आइएम चीफ रियाज व इकबाल भटकल के इशारे पर वारदात करने वाले थे। पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने बताया कि पुणे ब्लास्ट आइएम सदस्य कतील सिद्दीकी की 8 जून को यरवदा जेल में हुई हत्या का बदला लेने के लिए किया गया था। आइएम ने यरवदा जेल व पुणे कोर्ट में विस्फोट की योजना बनाई, लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते सफल नहीं हो सके। मुंबई में भी आरोपियों ने रेकी की, लेकिन अपनी कार्रवाई को अंजाम नहीं दे पाए। तब भटकल बंधुओं के कहने पर तीनों ने पुणे में ही कसरवाड़ी स्थित एक फ्लैट में ठिकाना बनाया। तीनों आतंकियों के अलावा दो अन्य आतंकी भी विस्फोटकों के साथ वहां उनसे आकर मिले। पुणे ब्लास्ट को अंजाम देने के लिए आतंकियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण स्थानीय मार्केट से खरीदे थे। नीरज कुमार के अनुसार, आतंकी अबू जुंदाल से पूछताछ में पता चला था कि सऊदी अरब में बैठे आइएम के आका भारत के कई बड़े शहरों में तबाही की योजना बना रहे हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया था। हवाला के जरिये मिले तीन लाख : स्पेशल पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव के अनुसार, पुणे ब्लास्ट के लिए आइएम आतंकियों को हवाला के जरिये तीन लाख रुपये मिले थे। इसके बाद तीनों को दिल्ली पहुंचकर ब्लास्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई। दिल्ली में नेहरू प्लेस इलाके में मिले राजू भाई नामक व्यक्ति ने पुल प्रह्लादपुर में एक फ्लैट तीनों के रहने का सारा इंतजाम किया था। 40 वर्षीय व्यक्ति (राजू) का यह कोड नाम है। उसकी अभी पहचान नहीं हो पाई है। बम बनाने की ली थी ट्रेनिंग : स्पेशल सेल डीसीपी संजीव यादव की टीम ने 26 सितंबर को असद खान व इमरान को पुल प्रहलादपुर इलाके से दबोचा। उनके बैग की तलाशी में चार किलो विस्फोटक व आठ डेटोनेटर मिले। उनके फ्लैट से भी बैटरी आदि उपकरण बरामद हुए। दोनों से पूछताछ के बाद सैयद फिरोज उर्फ हमजा को एक अक्टूबर को निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से उस वक्त पकड़ा गया, जब वह दोनों से मिलने जा रहा था। उससे भी एक किलो विस्फोटक, दो डेटोनेटर मिले। तीनों आतंकियों को बम बनाने की ट्रेनिंग मिली हुई है।

1.       Dainik Jagran National Edition 12-10-2012  Pej -1 vkradokn)

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