Friday, October 26, 2012

आइएम का सऊदी अरब नेटवर्क ध्वस्त करने की कवायद



ठ्ठजागरण संवाददाता,नई दिल्ली अबू जुंदाल, ए. रईस और फसीह मुहम्मद! लश्कर व आइएम (इंडियन मुजाहिदीन) के इन तीन बड़े चेहरों के प्रत्यर्पण के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजरें सऊदी अरब में छिपे अन्य आतंकियों पर टिक गई हैं। एजेंसियों की हिट लिस्ट में पहला नाम फैय्याज कागजी का है। इसके अलावा करीब आधा दर्जन अन्य चेहरे भी शामिल हैं जिनके विषय में माना जा रहा है कि देश छोड़कर सऊदी अरब भाग चुके हैं। जांच एजेंसियों की मानें तो मक्का में खिदमत के बहाने भारत से नवयुवक सऊदी अरब जाकर आइएम आतंकियों से मिलते हैं। पुलिस सूत्र बताते हैं कि देश छोड़कर भागे आइएम व लश्कर आतंकी सऊदी अरब से आतंकवाद को संचालित कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें धन व अन्य संसाधन पाकिस्तान में बैठे आइएम चीफ रियाज तथा इकबाल भटकल द्वारा उपलब्ध कराए जाते हैं। हाल ही में सऊदी अरब से डिपोर्ट करके लाया गया मुंबई हमलों का मुख्य हैंडलर अबू जुंदाल भी वहां रहकर आतंक की नई पौध तैयार कर रहा था। जुंदाल ने खुलासा किया था कि दावत के बहाने जेहादी मानसिकता वाले युवाओं को एकजुट किया जाता है। संगठन सदस्यों की मार्फत ऐसे युवाओं को खाने पर बुलाकर वहां धार्मिक चर्चाएं करवाई जाती हैं। जो युवक आक्रामक नजर आते हैं उन्हें आगे की दावत के लिए न्यौता भेजा जाता है। इसमें आइएम व लश्कर से जुड़े लोग मौजूद रहते हैं। केरल में अवैध विस्फोटकों की बरामदगी मामले के आरोपी ए .रईस का भी सऊदी अरब से प्र‌र्त्यपण किया गया है। 2009 में वह वहां भाग गया था। इसके अलावा आइएम के बिहार मॉड्यूल को आतंक के लिए फंडिंग करने वाले इंजीनियर फसीह मुहम्मद को भी रईस के साथ डिपोर्ट किया गया। जांच एजेंसियों की मानें तो ये तीनों ही आतंकी आइएम व लश्कर के आकाओं के संपर्क में थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पुणे ब्लास्ट में पकड़े गए आइएम के महाराष्ट्र मॉड्युूल के तार भी सऊदी अरब से जुड़े थे। असद खान, इमरान खान, सैयद फिरोज तथा इरफान खान नामक आइएम आतंकी सऊदी अरब जाकर लश्कर आतंकी फैय्याज कागजी से मिले थे। फैय्याज महाराष्ट्र के बीड़ का रहने वाला है तथा अबू जुंदाल का बचपन का दोस्त है। फैय्याज कागजी की गिरफ्तारी पर जांच एजेंसियों ने नजरें टिका दी हैं। पुणे ब्लास्ट के आरोपियों के अलावा फसीह मुहम्मद से एजेंसियां कागजी के विषय में पूछताछ कर रही हैं। सूत्रों की मानें तो कागजी के विषय में जुंदाल से भी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हुई हैं। पुणे ब्लास्ट के आरोपी असद खान और इरफान तो कागजी से कई बार मिल चुके थे। कागजी ने दोनों को अपनी ईमेल आईडी भी दे रखी थी जिसकी मदद से वह उनके संपर्क में रहता था। जांच एजेंसियां यह तमाम जानकारियां सऊदी प्रशासन को सौंपने की तैयारी में है। जिससे कागजी को भी भारत लाया जा सके। मुंबई एटीएस ने मांगी कस्टडी : मुंबई एटीएस ने तीसहजारी कोर्ट के मुख्य महानगर दंडाधिकारी की अदालत में अर्जी दायर कर पुणे बेकरी ब्लास्ट में शामिल इंडियन मुजाहिदीन के चार आतंकियों असद खान, इमरान खान, फिरोज हमजा और इरफान मुस्तफा लंगड़ा की कस्टडी दिए जाने की मांग की है। मुंबई एटीएस ने अदालत को बताया कि दिल्ली पुलिस ने इनको राजधानी में दशहरा और दीवाली पर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप में पकड़ा था। ये आतंकी पुणे बेकरी ब्लास्ट मामले में वांटेड हैं। असद, इमरान और फिरोज स्पेशल सेल की कस्टडी में 27 अक्टूबर तक हैं, जबकि इरफान 30 अक्टूबर तक के पुलिस रिमांड पर है।


Dainik jagran National Edition 26-10-2012  vkradokn ist -1

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