मुंबई हमले में दाखिल होगा पूरक आरोप
पत्र
पाकिस्तान में उसके आकाओं ने
चार माह पहले ही मुंबई हमले के बारे में बता दिया था जंदल को आतंकवादी
कसाब और नौ अन्य को हिन्दी सिखाने का काम सौंपा गया था हमले
के दौ रान भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान बंटाने को हिंदी बोलना था
मकसद जंदल
ने कराची से मुंबई के नरीमन हाउस में छिपे आतंकवादियों को जारी
किए थे निर्देश
मुंबई (एजेंसी)। मुंबई हमला मामले में पुलिस
जल्द ही एक पूरक आरोपपत्र दाखिल करेगी जिसमें लश्कर ए तैयबा के सदस्य सैयद
जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जंदल को मुख्य षड्यंत्रकारी बताया गया है जिसे
पाकिस्तान में उसके आकाओं ने चार माह पहले ही इस आतंकी हमले के बारे में
बता दिया था। मुंबई में 26 नवम्बर
2008 को
हुए कसाब और नौ आतंकवादियों
के हमले में 166 लोगों
की जान चली गई थी और कई घायल हो गए थे। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘हम 20
अक्टूबर तक पूरक आरोपपत्र दाखिल करेंगे। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।’’ आरोपपत्र में जांचकर्ता कहेंगे कि जंदल
को आतंकवादी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब और नौ अन्य को हिन्दी सिखाने का काम
सौंपा गया था। जंदल ने बीड से हिन्दी में एमए का पहला वर्ष पूरा किया था।
आतंकवादियों को हिन्दी इसलिए सिखाई गई ताकि वह हमले के दौरान भारतीय सुरक्षा
एजेंसियों का ध्यान बंटाने के लिए हिन्दी बोल सकें। आरोपपत्र में कसाब
और अबू जंदल की उच्च सुरक्षा वाली आर्थर रोड जेल में आमने सामने की बातचीत
का भी खुलासा होगा। मुंबई हमलों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा पकड़ा गया
एकमात्र आतंकवादी कसाब आर्थर रोड जेल में ही बंद है। अधिकारी ने कहा कि
आरोपपत्र में जंदल की इस स्वीकारोक्ति का भी जिक्र है जिसमें उसने मुंबई हमलों
में लश्कर ए तैयबा की भूमिका के बारे में बताया है। पुलिस अधिकारी ने
कहा कि आरोपपत्र में बताया जाएगा कि 30
वर्षीय जंदल ने हमले के दौरान कराची स्थित एक कंट्रोल रूम से मुंबई
स्थित यहूदी प्रार्थना घर नरीमन हाउस
में छिपे दो आतंकवादियों को किस तरह निर्देश जारी किए थे। इसमें
यह भी बताया
जाएगा कि खुफिया एजेंसियों ने उसकी आवाज पकड़ी थी। जंदल की आवाज का नमूना
हमले के दौरान खुफिया एजेंसियों द्वारा पकड़ी गई आवाज से मिलाने के लिए
भेजा गया था। लेकिन फॉरेंसिक प्रयोगशाला ने इस पर अभी रिपोर्ट नहीं दी है।
आरोपपत्र में बताया जाएगा कि अगस्त 2008
के दौरान जंदल सहित एक समूह को लश्कर ए तैयबा के सदस्यों ने 26 नवम्बर के अभियान के बारे में बता दिया था।
समूह में हर व्यक्ति को अलग-अलग जिम्मा सौंपा गया था। महाराष्ट्र के बीड
जिले के रहने वाले जंदल को मुंबई पुलिस ने दिल्ली से यहां लाए जाने के बाद
21 जुलाई
को हिरासत में लिया। जंदल को इस साल जून में सऊदी अरब से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद दिल्ली में
गिरफ्तार किया गया था। अधिकारी के
अनुसार, जंदल
ने 2005 में
उग्रवादी कमांडर असलम कश्मीरी के संपर्क में आने के बाद आतंकवादी गतिविधियां शुरू कीं।
असलम कश्मीरी 2009 में
गिरफ्तार किए जाने
के बाद से दिल्ली पुलिस की हिरासत में है। उन्होंने बताया कि जंदल, मोहम्मद अमीर शकील अहमद के माध्यम से
कश्मीरी से मिला था। (शेष पेज 2)
Rashtirya sahara National Edition 8-10-2012आतंकवाद Pej-1
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