ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई
दिल्ली अबू
जुंदाल के बाद सऊदी अरब सरकार ने आतंकी फसीह मुहम्मद को भी भारत को सौंप
दिया है। इंडियन मुजाहिदीन (आइएम) के सदस्य फसीह पर दिल्ली और बेंगलूर धमाके
की साजिश में शामिल रहने का आरोप है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पिछले
पांच महीने से फसीह के प्रत्यर्पण के लिए प्रयासरत थीं। गृह सचिव आरके
सिंह ने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है। बिहार
के दरभंगा का रहने वाला फसीह (28) पेशे से इंजीनियर है। वह सऊदी अरब में
आतंकी वारदातों के लिए पैसे जुटाने का काम कर रहा था। गत वर्ष आइएम के कुछ
आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों को उसके बारे में जानकारी
मिली थी। एजेंसियों ने इंटरपोल से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी
करवाया था। मई के पहले हफ्ते में वह सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे
चढ़ गया था। फसीह को सोमवार सुबह एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली लाया
गया। एयरपोर्ट पर उतरते ही स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया। सऊदी सरकार
ने इससे पहले जून में जुंदाल को भारत के हवाले कर दिया था। एजेंसियों
को फसीह से आइएम के नेटवर्क के बारे में अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद
है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, फसीह भारत में सक्रिय आइएम के आतंकियों
और पाकिस्तान में छिपे भटकल भाइयों रियाज व यासीन के बीच की कड़ी के
रूप में काम कर रहा था। वह आतंकियों को जरूरी निर्देश देने से लेकर उन्हें
धन भी उपलब्ध करा रहा था। खासकर दरभंगा और मधुबनी से जुड़े आइएम के आतंकी
सीधे उसके संपर्क में थे। गृह सचिव ने कहा कि फसीह के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों
के पास काफी सुबूत हैं और इन्हीं सुबूतों को देखते हुए सऊदी अरब उसके
प्रत्यर्पण के लिए तैयार हुआ। पिछले कुछ सालों से सऊदी अरब आइएसआइ समर्थित
आतंकियों के संपर्क केंद्र के रूप में उभरा है। फसीह का प्रत्यर्पण इस
लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गृह सचिव ने कहा, इन
आतंकियों की पहचान और प्रत्यर्पण में सऊदी सरकार का सहयोग
सराहनीय है। सऊदी अरब में रह रहे चार-पांच अन्य आतंकियों की पहचान कर ली
गई है और उनके प्रत्यर्पण की बातचीत की जा रही है। उम्मीद इन आतंकियों के
प्रत्यर्पण में भी जल्द सफलता मिलेगी। (पेज-6 भी
देखें)
Dainik Jagran National Edition
23-10-2012 (vkradokn Pej-1
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