Thursday, October 25, 2012

आतंकियों की मदद कर रहा पाकिस्तान : शिंदे





ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र संघ में पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के कश्मीर का मुद्दा उठाने के बाद भारत ने भी अपना रुख सख्त कर लिया है। भारत ने पाकिस्तान पर आतंकियों को मदद करने का खुलकर आरोप लगाया है। साथ ही पाकिस्तानी न्यायिक आयोग को भारत के लिए हरी झंडी देने से पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सीमा पार जाने की अनुमति देने की शर्त भी जोड़ दी है। गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि भारत में सक्रिय आतंकियों को सीमा पार से मदद मिल रही है। इससे निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं। त्योहारों के दौरान आम नागरिकों और सुरक्षा बलों को अधिक चौकस रहने को कहा गया है। सेना को वापस बुलाने की जम्मू-कश्मीर में उठ रही मांगों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी तरह शांति स्थापित होने तक सेना घाटी में बनी रहेगी। बहरहाल शिंदे के बयान को देखते हुए मुंबई के 26/11 आतंकी हमले से संबंधित पाकिस्तानी न्यायिक आयोग का दूसरा भारत दौरा खटाई में पड़ गया है। गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि न्यायिक आयोग के भारत दौरे से पहले एनआइए को पाकिस्तान दौरे की अनुमति मिलनी चाहिए। मुंबई हमले के आरोप में राष्ट्रीय जांच एजेंसी लश्कर प्रमुख हाफिज सईद समेत नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और पाकिस्तान में फेडरल इंवेस्टीगेशन ब्यूरो (एफआइबी) द्वारा इस मामले में जुटाए गए सुबूतों को देखना चाहती है। एनआइए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनके लिए यह जानना जरूरी है कि आरोपियों के खिलाफ एफआइबी ने क्या सुबूत जुटाए हैं और किन कारणों से उन्हें अभी तक सजा नहीं मिली है। पाकिस्तान किसी भी भारतीय जांच एजेंसी को आने की अनुमति देने से साफ इन्कार करता रहा है। ध्यान रहे कि मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ सुबूत जुटाने के लिए पाकिस्तानी न्यायिक आयोग पहले भी भारत का दौरा कर चुका है। लेकिन रावलपिंडी की स्थानीय अदालत ने आयोग की रिपोर्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसे गवाहों से जिरह करने की अनुमति नहीं मिली है। इसके बाद पाकिस्तान ने न्यायिक आयोग को दोबारा अनुमति देने की मांग की थी और भारत ने इस पर विचार करने का आश्वासन भी दिया था।

Dainik Jagaran National Edition 22-10-2012 vkradokn PeJ-1

No comments:

Post a Comment