Saturday, October 13, 2012

आतंकवाद के खिलाफ भारत ने की साझा लड़ाई की पैरवी




ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली भारत ने दुनियाभर में बढ़ रहे आतंकी खतरों पर गंभीर चिंता जताई है। कानून के शासन पर जोर देते हुए उसने आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया के एकजुट होकर लड़ने की पैरवी की है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का पक्ष रखते हुए सपा सांसद धर्मेद्र यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के मद्देनजर इस खतरे से निपटना और भी जरूरी हो गया है। संयुक्त राष्ट्र में सपा सांसद ने हिंदी में अपना भाषण दिया। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह भी हिंदी में आमसभा को संबोधित कर चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र आमसभा (न्यूयार्क में) के 67 सत्र में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून का शासन विषय पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए धर्मेद्र यादव ने कहा, हम हर आतंकवादी कार्रवाई के खिलाफ हैं, भले ही वह दुनिया में कहीं भी और किसी की ओर से हो। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया को ईमानदारी व कारगर ढंग से लागू करने पर बल देता है, जिसमें दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंकियों को छिपने की जगह देने से इन्कार करना भी शामिल है। भारत का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा, सह अस्तित्व व विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विश्व की समसामयिक राजनीतिक, सामाजिक और बेहतर आर्थिक स्थितियों में कानूनी प्रक्रिया के सिद्धांतों पर कार्यान्वयन जरूरी है। सुरक्षा परिषद को और पारदर्शी व व्यापक प्रतिनिधित्व के लिए भारत भी उसमें सुधार के सतत प्रयासों को न सिर्फ महत्व देता है, बल्कि उसे जरूरी मानता है।
Dainik Jagran National Edition 12-10-2012  Pej -2 vkradokn)

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