ठ्ठ जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली आतंकी संगठन आइएम (इंडियन मुजाहिदीन) को एक और झटका लगा
है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हैदराबाद के शाहीन नगर से आइएम के आइईडी
(इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) एक्सपर्ट को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान
सैयद मकबूल के रूप में हुई है। दूसरी तरफ, मुंबई एटीएस ने भी मकबूल को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आइएम के
महाराष्ट्र मॉडयूल में शामिल मकबूल ने पुणे ब्लॉस्ट के लिए आतंकियों को बम बनाना
सिखाया था। इस मामले में शामिल आतंकी असद खान, इमरान खान, सैयद फिरोज और इरफान पहले
ही पकड़े जा चुके हैं। विशेष पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव (स्पेशल सेल) ने बताया
कि सैयद मकबूल उर्फ जुबैर महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के समतम नगर का रहने वाला
है। वहीं, मुंबई एटीएस के अधिकारियों
का दावा है कि सैयद मकबूल हैदराबाद का ही रहने वाला है। उसने आंध्र प्रदेश निवासी
आजम गौरी के साथ मिलकर अपराध शुरू किया था। आंध्र प्रदेश के नजीबाबाद में 1999 में मकबूल ने एक लाख रुपये लूट के लिए कृष्णमूर्ति नामक व्यक्ति की
हत्या कर दी थी। इसके बाद आंध्र प्रदेश में मस्जिद की जमीन कब्जाने को लेकर
देवेंद्र नामक व्यक्ति की हत्या में भी मकबूल शामिल था। लूट के लिए हैदराबाद में
महावीर प्रसाद नामक एक ज्वैलर्स की भी उसने हत्या की थी। सिनेमाघरों में किए
विस्फोट खुद को समाज सुधारक के तौर पर पेश करने के लिए मकबूल ने आजम गौरी तथा रोशन
बेग के साथ मिलकर 1999 में मनचरिया गांव में
आइएमएमएम (इंडियन मुस्लिम मुहम्मदीन मुजाहिदीन) नामक संगठन की स्थापना की थी। इस
संगठन का मकसद दहेज प्रथा पर रोक लगाना, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई और अश्लील फिल्मों के प्रदर्शन को रोकना
बताया गया था। आजम गौरी ने मकबूल को बम बनाना सिखाया था, जिससे उन सिनेमाघरों में विस्फोट किया जाए, जहां अश्लील फिल्में दिखाई जा रही हैं। मकबूल व उसके साथियों ने वर्ष
2000 में हैदराबाद के काकेटिया
होटल, लाल दरवाजा, नांदेड़ के शारदा थियेटर और हैदराबाद के लांबा थियेटर में विस्फोट
किए थे। बोधगया में फिदायीन हमले की साजिश पुलिस के अनुसार, आजम गौरी वर्ष 2000 में
पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। मकबूल को कृष्णमूर्ति की हत्या के जुर्म में आजीवन
कारावास की सजा हुई। वह 2009 में जेल से छूटकर बाहर आया।
अपने एक दोस्त की मदद से वह आइएम सदस्य इमरान से जुड़ा था। इमरान ने उसे असद खान
तथा इरफान मुस्तफा से मिलवाया था। असद ने अप्रैल, 2012 में मकबूल को आइएम सरगना रियाज व इकबाल भटकल से संपर्क कराया था।
पुणे से पूर्व असद खान, इमरान, इरफान और मकबूल ने बिहार के बोधगया में फिदायीन हमले की प्लानिंग की
थी। लेकिन भटकल बंधुओं ने जेल में कतील सिद्दीकी की हत्या का बदला लेने के लिए
पहले पुणे में ब्लॉस्ट करने का आदेश दिया। मकबूल ने औरंगाबाद स्थित असद खान के
फार्म हाउस पर यूरिया, डीजल तथा पटाखों की मदद से
बम तैयार करना सिखाया। हरेन पांड्या के हत्यारों से हैं करीबी रिश्ते मकबूल के
एआइएमआइएम (ऑल इंडियन मजलिस इतिहाद उल मुसलमीन) पार्टी के नेता अब्दुल रऊफ व
नसुरुद्दीन से भी करीबी रिश्ते हैं। रऊफ व नसुरुद्दीन गुजरात के भाजपा नेता हरेन
पांड्या हत्याकांड में शामिल हैं। मकबूल एआइएमआइएम की धरमाबाद इकाई का अध्यक्ष भी
है।
Dainik jagran National Edition 27-10-2010 vkradokn ist -6