Thursday, January 20, 2011

उत्तर वजीरिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण ले रहे १२ कनाडाई


कनाडाई प्रशासन उन रपटों के बाद बेहद चिंतित है जिनमें कहा गया कि इस्लाम कबूल करने वाले कनाडा के करीब 12 नागरिक पाकिस्तान स्थित अल कायदा के शिविर में आतंकी प्रशिक्षण ले रहे हैं। वर्ष 2006 की असफल टोरंटो-18 आतंकी साजिश के अलावा कनाडा को आतंकियों से किसी खतरे का सामना नहीं करना पड़ा है। हालांकि अफगानिस्तान में अमेरिकी नेतृत्व वाले युद्ध में कनाडा की भी हिस्सेदारी है। हांगकांग की समाचार वेबसाइट एशिया टाइम्स ऑनलाइन के अनुसार धर्म परिवर्तन करने वाले 12 कनाडाई जेहादियों के बीच रहकर पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के समीप अल कायदा के एक शिविर में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ये कनाडा में मुंबई सरीखे किसी आतंकी हमले योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट में तालिबान सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अल कायदा का उद्देश्य पश्चिमी उग्रवादियों का इस्तेमाल कर कनाडा की जमीन पर आतंकी हमले को अंजाम देना है। रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2010 में 12 कनाडाई अफगानिस्तान पहुंचे थे और वे मिस्त्र के आतंकी संगठन जेहाद अल-इस्लामी से जुड़ गए। हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेने के मकसद से नवंबर में सभी को पाकिस्तान में उत्तरी वजीरिस्तान सीमा के समीप दारपाखेल भेज दिया गया। दारपाखेल में एक स्थानीय आतंकवादी आरिफ वजीर के हवाले से बताया गया, कनाडाई नागरिकों ने अफगानिस्तान में जिहाद का प्रशिक्षण लिया। वे अभी विशेष पाठयक्रमों को सीखने में व्यस्त हैं। उन्हें मुख्य रूप से हथियार चलाने और उत्तरी अमेरिका में तस्करी का जाल फैलाने के गुर सीखाएं जा रहे हैं। वजीर ने बताया, कनाडा से 12 लोगों को साधारण वस्तुओं जैसे शक्कर और कुछ रासायनिक सामग्रियों से शक्तिशाली बम बनाने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद सभी स्वदेश लौट जाएंगे और कनाडा के बड़े शहरों को निशाना बनाने के अलकायदा की योजनाओं को अंजाम देंगे। कनाडाई प्रशासन का कहना है कि वह रिपोर्ट की साख और विश्र्वसनीयता की जांच कर रहे हैं। छानबीन पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में प्रशिक्षण लेने वाले कुछ कनाडाइयों के नाम जीन पॉल (स्थानीय नाम सदीक उल्लाह), लेमन लॉन्गलोइस (साना उल्लाह),जेम्स रिचर्ड(अब्दुर रहमान, ओट्टो पॉल (अबु उस्मान),थॉमस(अब्दुल्ला) और(हजीफ उल्लाह) के रूप में सामने आए हैं।


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