Sunday, January 2, 2011

आई एसआई चीफ को थी 26/11 हमले की जानकारी

हेडली था पाक जासूस, वेबसाइट का खुलासा
वाशिंगटन (एजेंसी)। लश्कर-ए-तय्यबा से ताल्लुक रखने वाला और 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के लिए महत्वपूर्ण स्थलों की तस्वीरें लेने वाला आतंकी डेविड हेडली दरअसल पाकिस्तानी जासूस था जोकि आईएसआई के लिए काम करता था। मीडिया में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा को मुंबई हमले के बारे में संभवत: जानकारी थी।प्रोपब्लिका.कॉममें अमेरिकी पत्रकार सेबस्टियन रोटेला ने लिखा है, मूल रूप से जैसा कि अमेरिकी और भारतीय अधिकारियों का कहना है कि हेडली आतंकी से कहीं ज्यादा पाकिस्तानी जासूस था। रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी और भारतीय एजेंसियों की जांच में पहली बार यह बात सामने आई है कि कैसे पाक खुफिया एजेंसी ने दोहरा खेला खेला। एक तरफ वह आतंक के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का साथी था, वहीं पाकिस्तानी हितों को साधने वाले आतंकी संगठनों को भी वह पोष रहा था। अमेरिकी पत्रकार सेबस्टियन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, भारत और अमेरिका दोनों देशों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बात का विश्वास है कि हेडली को आईएसआई के अधिकारियों ने जासूसी की ट्रेनिंग दी और मुंबई सहित अन्य जगहों पर आतंकी निशानों के बारे में जानकारी लेने के लिए धन और हिदायतें दी। भारतीय अधिकारियें द्वारा हेडली से की गई पूछताछ के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है, हेडली ने जांर्चकताओं को बताया कि पाक नौसेना के एक अधिकारी ने मुंबई पर समुद्री हमले की योजना बनाने में सहायता की। प्रोपब्लिका की रिपोर्ट में हेडली के हवाले से कहा गया है कि पाक खुफिया एजेंसी में उसके हुक्मरानों ने डेनमार्क के अखबार पर लश्कर के हमले की साजिश के सिलसिले में हुई बैठक में हिस्सा लिया। पाक ने यह सूचना डेनमार्क के अधिकारियों के साथ साझा नहीं की थी। प्रोपब्लिका के अनुसार, पाकिस्तानी प्रशासकों ने इन आरोपों को जहां गलत करार दिया है वहीं अमेरिकी जांर्चकताओं को हेडली के अधिकांश बयान में सचाई नजर आ रही है। एक बहुत ही महत्वपूर्ण खुलासे में इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हेडली ने कहा कि आईएसआई प्रमुख ले. जनरल पाशा 26..11 हमले के बाद गिरफ्तार किए गए लश्कर प्रमुख जकिउर रहमान लखवी से मिलने गए। बिना किसी विस्तत र्चचा के बताया गया है कि हेडली ने कहा, पाशा उसके पास मुंबई आतंकी हमले की साजिश को समझने के लिए आए थे। मीडिया में आई इस रिपोर्ट में कहा गया है, पाक अधिकारी इस बात से इंकार करते हैं कि आईएसआई प्रमुख जेल में लखवी से मिलने गए लेकिन भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों और विशेषज्ञों को दूसरी वाली कहानी पर भरोसा है। आतंक निरोधी एक भारतीय अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, मेरा मानना है कि पाशा को मुंबई हमले की साजिश के बारे में पहले से जानकारी थी या फिर वह आईएसआई का प्रमुख ही नहीं है। प्रोपब्लिका की रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारी इस बात के सुबूत नहीं देखते कि मुंबई पर हमले के लिए आईएसआई के हुक्मरानों ने संस्थागतफैसला लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ अधिकारी महसूस करते हैं कि हेडली का कभी बारीक तो कभी संदिग्ध बयान आईएसआई के शीर्ष अधिकारियों को दोषमुक्त करने के लिए था। उदाहरण के लिए हेडली ने जांर्चकताओं को बताया कि मुंबई हमले की आईएसआई प्रमुख ने उम्मीद नहीं की थी। आने वाली पुस्तक स्टोर्मिंग द र्वल्ड स्टेज : द स्टोरी ऑफ लश्करे तय्यबाके लेखक स्टीफन टंकेल ने कहा,हमें इसपर भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि लश्कर को लेकर आईएसआई की नीतिया है कि संगठन के हर कदम की जानकारी खुफिया एजेंसी के हुक्मरानों को रहनी चाहिए। स्टीफन टंकेल ने प्रोपब्लिका को बताया, आईएसआई की नीति यह है कि लश्कर को कुछ लक्ष्मण रेखाएं लांघने की अनुमति नहीं दी जाए लेकिन कुछ मामलों में खुफिया एजेंसी के हुक्मरान आतंकी संगठन को हरी झंडी दिखा देते हैं। उन्होंने कहा, लश्कर के सबसे महत्वपूर्ण अभियानों पर आईएसआई का नियंतण्ररहता है और उसके हर प्रमुख के पीछे खुफिया एजेंसी के अधिकारियों का हाथ होता है। लेखक ने कहा,. लखवी के संचालक का काम कर रहा आईएसआई का एक ब्रिगेडियर जनरल आईएसआई के मुखिया का भी करीबी है। हेडली के मुताबिक, आईएसआई लश्कर को फंड मुहैया कराती है और उसके संस्थापक हाफिज सईद को दखल से दूर रखती है। हेडली ने सईद के बारे में बताया कि वह आईएसआई का बहुत करीबी है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया, वह (सईद) पूरी तरह सुरक्षित है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, मेजर इकबाल के तौर पर पहचान किया गया हेडली का मुख्य संचालक आईएसआई का सदस्य है और पाक खुफिया एजेंसी के उन कई अधिकारियों में से है जिनके ताल्लुकात हेडली से थे। प्रोपब्लिका ने कहा कि ज्यादातर विशेषज्ञ आईएसआई के आतंकी संगठनों के साथ संबंध को भारत के खिलाफ महत्वपूर्ण हथियार के रूप में भू राजनीतिक नीति और पश्चिम विरोधी विचार के हिस्से के तौर पर देखते हैं। अधिकारियों और विशेषज्ञों के मुताबिक, जासूसों और आतंकियों के साथ हेडली के संपकरे की कहानी एक गोपनीय अंडरर्वल्ड की दुनिया में हमें ले जाती है। दक्षिण एशिया में काम कर चुके सीआईए के आतंक निरोधी मामलों के प्रमुख चाल्र्स फैडिस ने कहा, मैंने ऐसा दूसरा मामला नहीं देखा जिसमें आईएसआई ने अमेरिकी का उपयोग या फिर उसके साथ मिलकर काम किया हो। उन्होंने कहा, लश्कर और आईएसआई के लिए ऐसे आदमी का होना बहुत महत्वपूर्ण था। भारतीय अधिकारी दुश्मन संचालकाें के हुलिये का पता लगाने में जुटे हैं और हेडली कहीं से भी इस हुलिये में नजर नहीं आता है। इसलिए उसपर किसी को शक भी नहीं होता। मीडिया में आई रिपोर्ट ने भारतीय आतंक निरोधी अधिकारी के हवाले से लिखा, हेडली का वक्तव्य उन सब बातों से मेल खाता है जो हम आईएसआई और उसके कामों के बारे में जानते हैं। उन्होंने कहा, और यह उससे भी मेल खाता है जो हेडली ने एफबीआई को और हमें बताया। कई सारी बातों और दूसरे सुबूतों की जांच की गई है।

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