जन विद्रोह के दौरान प्रशिक्षित लड़ाकों की मदद लेने की फिराक में माओवादी
नेपाल में माओवाद के आतंक के स्कूल फिर से चलने लगे हैं। वहां युवतियों को सेना और पुलिस से लड़ने की टे्रनिंग दी जा रही है। छापामार युद्ध की ट्रेनिंगको नेपाल में अप्रैल से जन विद्रोह की तैयारी माना जा रहा है। बिहार एवं यूपीके नक्सल प्रभावित इलाकों से युवतियों को भर्ती कर उन्हें प्रशिक्षित किएजाने की भनक मिलने के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
माओवादी नेपाल में विद्रोह के वक्त जरूरत पड़ने पर इन नक्सलियों की मदद ले सकते हैं। इन युवतियों को बिहार एवं यूपीमें भी आतंक फैलाने के लिएहथियार के तौर पर प्रयोगकिएजाने की भी आशंका है। खुफिया एजेंसियों के अनुसार दिसंबर में माओवादियोंकी गोपनीय बैठक प्रचंड के आवास पर हुई। जहां कई मामलों पर रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। नक्सली इलाकों से युवतियों को लाकर एक माह की ट्रेनिंग कराने का फैसला लिया गया। जिससे नेपाल में विद्रोह के वक्त जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित नक्सलियों की मदद ली जा सके। माओवादियोंने 21जनवरी से 13फरवरी तक पूरे नेपाल में गुरिल्ला प्रशिक्षण शुरू करने का फैसला भी लिया है। खुफिया एजेंसियों की माने तो माओवादी नेपाल में एक गुप्त ठिकाने पर 82नक्सली और 39नेपाली युवतियों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। ट्रेनिंग में देवरिया, बगहा, सीतामढ़ी, सोनभद्र, सिवान, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारन,मुगलसराय सहित इलाकों की युवतियों के शामिल होने की आशंका है। एसएसबीके डीआईजी एस करमाकरने कहा कि सैनामैना इलाके मेंट्रेनिंग कराई गई थी। युवतियों की ट्रेनिंग के बारे में सूचना एकत्र की जाएगी। उन्होंने कहा कि नेपाल सीमा पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आने जाने वाले संदिग्ध लोगों की चेकिंग एसएसबीकर रही है।
नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री माधव नेपाल ने भी शनिवार को कहा था कि माओवादी देश में एक बार फिर विद्रोह की तैयारी कर रहे हैं। नेपाल ने आरोप लगाया था कि के लोकतांत्रिक ढांचे को पटरी से उतारना चाहते हैं।
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