भारत ने रविवार को कहा कि मुंबई हमलों के दोषियों को पाकिस्तान में न्याय के कठघरे में लाने का काम एक इंच भी आगे नहीं बढ़ा है। नई दिल्ली ने उम्मीद व्यक्त की कि इस्लामाबाद समझौता एक्सपे्रस विस्फोट की निष्पक्ष जांच से सीख लेकर 26/11 नरसंहार के षड्यंत्रकारियों को दंडित करेगा। गृह सचिव जीके पिल्लै ने कहा कि पाकिस्तान में कोई वास्तविक जांच नहीं हुई है। यहां तक कि हमलावरों के आकाओं की आवाज के नमूने दिए जाने के भारत के आग्रह को भी अनसुना कर दिया गया है। गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने जब पिछले साल पाकिस्तान यात्रा के दौरान मुंबई हमलों के साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई और हमलावरों के आकाओं की आवाज के नमूने दिए जाने के बारे में कहा था तो उस समय उनके पाकिस्तानी समकक्ष रहमान मलिक ने चिदंबरम से कहा था, आप हमारे जवाब से निराश नहीं होंगे। पिल्लै ने कहा, सात महीने गुजर गए, लेकिन पाकिस्तान का कोई जवाब नहीं मिला। हम निराश हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई हमलों में शामिल या हमलावरों को निर्देश देने वाले किसी भी बड़े साजिशकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया गया है। सिर्फ दूसरे या तीसरे नंबर के षड्यंत्रकारियों को पकड़ा गया है। भारतीय जांचकर्ताओं के पास मुंबई हमलों के हमलावरों और पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं के बीच हुई बातचीत है जो हमलों के दौरान रिकॉर्ड की गई थी। पिल्लै के अनुसार, पाकिस्तान को भारत ने आतंकी आकाओं के नाम और फोटाग्राफ मुहैया करा दिए हैं। पाक आवाज के नमूने दे देता है और यह रिकॉर्ड की गई बातचीत से मेल खा जाते हैं तो पाक में बैठे आकाओं का पता चल जाएगा। समझौता एक्सप्रेस विस्फोट के बारे में पिल्लै ने कहा कि भारत आतंक फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को कठघरे में लाने के प्रति संकल्पबद्ध है। चाहे वह किसी धर्म से ताल्लुक रखता हो।
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