Friday, September 7, 2012

घरेलू आतंकवाद सीमा पार से ज्यादा खतरनाक


ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली राज्य पुलिस प्रमुखों के सम्मेलन के दूसरे दिन घरेलू आतंकवाद को सीमा पार से ज्यादा खतरनाक बताया गया। इसी कारण इस पर चर्चा के लिए दो घंटे का सत्र अलग से रखा गया। यह पहली बार है जब घरेलू आतंकवाद पर अलग से चर्चा की गई। इस दौरान इंडियन मुजाहिदीन, सीमा पार हो रही आतंक की खेती और मौजूदा आतंकवाद के ढांचे पर विचार-विमर्श हुआ। सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने घरेलू स्तर पर पैदा हो रहे आतंकवाद को ज्यादा गंभीर करार दिया। उनके मुताबिक इसके लिए सीमा पार से मदद मुहैया कराने के पुख्ता सुबूत हैं। सम्मेलन में इस तरह की समस्या को अति नाजुक करार देते हुए इससे निपटने के कुछ खास उपायों पर गुफ्तगू हुई। सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन ने कहा कि जिस तरह से अबू जुंदाल की गिरफ्तारी का श्रेय लिया गया और छोटी-से-छोटी जानकारी मीडिया को दी गई, उस पर सऊदी अरब ने नाराजगी जताई है। इससे आतंकियों की गिरफ्तारी प्रभावित हो सकती है। राज्य पुलिस प्रमुखों ने कहा कि सीमा पार से उनके राज्यों में आतंक फैलाया जा रहा है और आतंक फैलाने वालों को आर्थिक मदद भी पहुंचाई जा रही है। देश के चार प्रमुख राज्यों में आतंकी घटनाएं सबसे ज्यादा हो रही हैं। सम्मेलन में राज्यों के डीजीपी, अ‌र्द्धसैनिक बलों के अफसर, खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों के साथ गृह मंत्रालय के अफसर भी शामिल हैं। सम्मेलन को गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने बहुत थोड़ा समय दिया, जबकि गृह सचिव सम्मेलन में नहीं पहुंचे। शाम को गृहमंत्री शिंदे के साथ राज्यों के पुलिस प्रमुख राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भेंट करने पहंुचे और उनके साथ रात्रिभोज किया।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण, पेज 1 , 08-09-2012 आतंकवाद

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