ठ्ठजागरण ब्यूरो, श्रीनगर कंधार
विमान अपहरण कांड और दिल्ली के लाजपत नगर विस्फोट समेत देश में 50 से ज्यादा
आतंकी वारदातों में शामिल दुर्दात आतंकी मेहराजुद्दीन डांड उर्फ जावेद
को पुलिस ने जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले से गिरफ्तार कर लिया। भारतीय
सुरक्षा एजेंसियों की यह सबसे बड़ी सफलता है। 13 साल पहले हुए कंधार कांड
में मेहराजुद्दीन ने विमान में सवार पांच अपहरणकर्ताओं के लिए आवश्यक दस्तावेज
व अन्य साजो-सामान उपलब्ध कराया था। मेहराजुद्दीन डांड का
असली नाम मेहराजुद्दीन वानी है। उसके पिता गुलाम नबी वानी
बारामूला जिले की कशवन कालोनी, सोपोर में रहते हैं। मेहराजुद्दीन को रविवार
शाम किश्तवाड़ में पकड़ा गया। गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही वह नेपाल से
किश्तवाड़ पहुंचा था। मेहराजुद्दीन ने आतंकी मौलाना मसूद अजहर की रिहाई के
लिए आइएसआइ, लश्कर
और हरकत-उल-जेहाद-ए-इस्लामी के साथ हाथ मिलाया था। मेहराजुद्दीन
नेपाल की राजधानी काठमांडू में पाकिस्तान के वरिष्ठ डिप्लोमेट अरशद
चीमा का खास था और उसने उसके साथ मिलकर ही इंडियन एयलाइंस के विमान के
अपहरण की साजिश में अहम भूमिका निभाई थी। मेहराजुद्दीन ने विमान का अपहरण
करने वाले पांच आतंकियों के लिए फर्जी दस्तावेज व
अन्य साजो सामान का
बंदोबस्त किया था। मेहराजुद्दीन ने देश भर में विभिन्न आतंकी घटनाओं में प्रमुख
भूमिका निभाई है। दिल्ली के लाजपत नगर में वर्ष 1996 में हुए बम धमाकों
में भी उसी का हाथ था। मेहराजुद्दीन नेपाल में रहकर आतंकी गतिविधियों
में सक्रिय था। वह हवाला के जरिये पैसे का बंदोबस्त करने, जाली पासपोर्ट
तैयार करने और हथियार उपलब्ध कराने का जिम्मा संभाले हुए था। आइएसआइ
और हिज्बुल के सरगना सलाहुद्दीन का खास समझा जाने वाला मेहराजुद्दीन हिज्बुल
के शुरुआती आतंकियों में शामिल था। वह वर्ष 1992 में पकड़ा गया, लेकिन
1994 के
शुरुआत में जेल से छूट गया। वह जैश के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर
और उसके भाई रौउफ का भी करीबी था। कंधार कांड : इंडियन
एयरलाइंस के विमान को 1999 में
हाईजैक कर लिया गया। इसमें 178 यात्री थे। विमान में
पांच अपहरणकर्ता भी सवार थे। पहले विमान को अमृतसर फिर लाहौर के
रास्ते कंधार ले जाया गया। एक जनवरी, 2000 को तीन आतंकियों
के बदले विमान को छोड़ा गया।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण, पेज 6 , 14-09-2012 आतंकवाद
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