Friday, September 14, 2012

आतंकियों के खौफ से 370 पंचायत सदस्य दे चुके इस्तीफा



ठ्ठ जागरण ब्यूरो, श्रीनगर जम्मू-कश्मीर सरकार जहां पंचायती चुनाव की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए ब्लॉक विकास परिषद और स्थानीय शहरी निकाय के गठन की तैयारियों में जुटी है, वहीं आतंकियों के खौफ से धड़ाधड़ पंच-सरपंचों के इस्तीफे इन कवायदों पर पानी फेर रहे हैं। इस्तीफों की बढ़ती तादाद को देखते हुए अलगाववादियों ने भी निकाय चुनाव के बहिष्कार के लिए अभी से रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। यदि अलगाववादी खेमा अपने इस मकसद में कामयाब हो जाता है तो यह राज्य व केंद्र दोनों के लिए मुश्किलें पैदा करने वाला होगा। वादी में बीते एक साल में 370 पंच-सरपंच अपने पद छोड़ चुके हैं। बीते चार माह में कश्मीर में ही पांच पंच-सरपंच आतंकियों के हाथों मारे जा चुके हैं, जबकि एक दर्जन से ज्यादा जख्मी हुए हैं। दो दिन पहले भी आतंकियों ने उत्तरी कश्मीर में एक सरपंच को मौत के घाट उतारा है। हालांकि, सरकार ने आतंकी धमकियों के बाद पंच-सरपंचों को सुरक्षा का यकीन दिलाया, लेकिन आतंकियों के डर से हर दिन पंचायत सदस्य मस्जिद में या अखबारों में इश्तिहार देकर अपने इस्तीफे का एलान कर रहे हैं। पट्टन में पिछले दो दिनों में तीन दर्जन पंच-सरपंचों ने पोस्टर लगवाकर और मस्जिद मे एलान कर इस्तीफा दिया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता जो पंचायती चुनाव में लोगों की भागेदारी से उत्साहित थे, अब हतोत्साहित नजर आ रहे। इस माहौल का फायदा उठाने के लिए अलगाववादी संगठन हुर्रियत के दोनों खेमों ने निकाय चुनाव के बहिष्कार को कामयाब बनाने की रणनीति में जुट गए हैं।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण, पेज 1 , 14-09-2012   आतंकवाद

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