Friday, September 14, 2012

Nation Militant linked to IC-814 hijack, Lajpat Nagar blast arrested



BIG CATCH Wani had close links with Dawood Ibrahim and Pakistan-based terror organisations, ran shop in Nepal

In what was described by the Jammu and Kashmir Police as a big catch, top terrorist Mehrajuddin Wani — suspected of being involved in the hijacking of an Indian Airlines plane to Kandahar in Afghanistan in December 1999 — was arrested in Kishtwar district, 350 km from Jammu city, on Thursday. Wani alias Javed Dand, who the police said belonged to Sopore in north Kashmir and runs a shop in Nepal, was closely associated with underworld don Dawood Ibrahim and Syed Salahuddin, chief of the United Jihad Council, an umbrella organisation of several terror outfits. The council is located in Pakistan-occupied Kashmir. The police said Wani provided fake travel documents to the five Pakistani nationals who hijacked IA flight IC-814 when it was headed for Delhi from Kathmandu. The plane with 176 passengers on board was diverted and forced to land in Amritsar, Lahore and Dubai before finally reaching Kandahar. The hijackers negotiated with the NDA government for the release of three terrorists from Indian jails in exchange for the plane’s safe return. The released terrorists included Maulana Masood Azhar, founder of the Jaish-e-Mohammad terror outfit. Passenger Rupin Katyal was killed by the hijackers during the seven-day standoff between the Indian government and the hijackers. Wani was also allegedly involved in the 1996 blast in Delhi’s Lajpat Nagar market in which 13 people were killed. During questioning, Wani said a diplomat at the Pakistani embassy in Nepal was “deeply involved” in the 1999 hijacking, the police said. “Mehrajuddin Wani, a resident of Sopore in Kashmir, was actively involved in terrorist activities since 1989. He has been arrested by the Kishtwar police. He had close links with a foreign diplomat based in Nepal,” Jammu inspector general of police Dilbagh Singh said.

 Hindustan Times 14-9-2012 pej-7 आतंकवाद

कंधार विमान अपहर्ताओं का मददगार गिरफ्तार





किश्तवाड़ के जंगलों से पकड़ा गया मेराजुद्दीन उर्फ जावेद दिल्ली के लाजपतनगर बम धमाके में भी था शामिल
का मददगार गिरफ्तार नई दिल्ली (एसएनबी)। खुफिया विभाग की सूचना पर जम्मू कश्मीर पुलिस ने वर्ष 1999 में आईसी-814 के अपहरणकर्ताओं की मदद करने वाले उग्रवादी जावेद को गिरफ्तार कर लिया। वह पिछले 25 वर्षो से राज्य में अपनी गतिविधियां चला रहा था। वह अंडर र्वल्ड डॉन दाउद का करीबी है। सूत्रों के अनुसार खुफिया सूचना के आधार यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) के प्रमुख सैयद सलाउद्दीन और माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम के करीबी मेहराजुद्दीन उर्फ जावेद को एक अभियान के दौरान किश्तवाड़ के जंगल वाले इलाके से गिरफ्तार किया गया। खुफिया विभाग को ऐसी सूचना मिली थी कि आईसी-814 के अपहरण में जावेद शामिल था। वह विभिन्न नामों से जमूम कश्मीर में रहता रहा है। विभिन्न तरह का करोबार करता रहा है। खुफिया विभाग के अनुसार इसका नाम आईसी-814 के अपहरण मामले में भी आया था। (शेष पेज 2)
राष्ट्रीय सहारा दिल्ली  संस्करण पेज 1, 07-09-2012 आतंकवाद

आतंकियों के खौफ से 370 पंचायत सदस्य दे चुके इस्तीफा



ठ्ठ जागरण ब्यूरो, श्रीनगर जम्मू-कश्मीर सरकार जहां पंचायती चुनाव की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए ब्लॉक विकास परिषद और स्थानीय शहरी निकाय के गठन की तैयारियों में जुटी है, वहीं आतंकियों के खौफ से धड़ाधड़ पंच-सरपंचों के इस्तीफे इन कवायदों पर पानी फेर रहे हैं। इस्तीफों की बढ़ती तादाद को देखते हुए अलगाववादियों ने भी निकाय चुनाव के बहिष्कार के लिए अभी से रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। यदि अलगाववादी खेमा अपने इस मकसद में कामयाब हो जाता है तो यह राज्य व केंद्र दोनों के लिए मुश्किलें पैदा करने वाला होगा। वादी में बीते एक साल में 370 पंच-सरपंच अपने पद छोड़ चुके हैं। बीते चार माह में कश्मीर में ही पांच पंच-सरपंच आतंकियों के हाथों मारे जा चुके हैं, जबकि एक दर्जन से ज्यादा जख्मी हुए हैं। दो दिन पहले भी आतंकियों ने उत्तरी कश्मीर में एक सरपंच को मौत के घाट उतारा है। हालांकि, सरकार ने आतंकी धमकियों के बाद पंच-सरपंचों को सुरक्षा का यकीन दिलाया, लेकिन आतंकियों के डर से हर दिन पंचायत सदस्य मस्जिद में या अखबारों में इश्तिहार देकर अपने इस्तीफे का एलान कर रहे हैं। पट्टन में पिछले दो दिनों में तीन दर्जन पंच-सरपंचों ने पोस्टर लगवाकर और मस्जिद मे एलान कर इस्तीफा दिया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता जो पंचायती चुनाव में लोगों की भागेदारी से उत्साहित थे, अब हतोत्साहित नजर आ रहे। इस माहौल का फायदा उठाने के लिए अलगाववादी संगठन हुर्रियत के दोनों खेमों ने निकाय चुनाव के बहिष्कार को कामयाब बनाने की रणनीति में जुट गए हैं।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण, पेज 1 , 14-09-2012   आतंकवाद

कंधार कांड का साजिशकर्ता गिरफ्तार



ठ्ठजागरण ब्यूरो, श्रीनगर कंधार विमान अपहरण कांड और दिल्ली के लाजपत नगर विस्फोट समेत देश में 50 से ज्यादा आतंकी वारदातों में शामिल दुर्दात आतंकी मेहराजुद्दीन डांड उर्फ जावेद को पुलिस ने जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले से गिरफ्तार कर लिया। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की यह सबसे बड़ी सफलता है। 13 साल पहले हुए कंधार कांड में मेहराजुद्दीन ने विमान में सवार पांच अपहरणकर्ताओं के लिए आवश्यक दस्तावेज व अन्य साजो-सामान उपलब्ध कराया था। मेहराजुद्दीन डांड का असली नाम मेहराजुद्दीन वानी है। उसके पिता गुलाम नबी वानी बारामूला जिले की कशवन कालोनी, सोपोर में रहते हैं। मेहराजुद्दीन को रविवार शाम किश्तवाड़ में पकड़ा गया। गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही वह नेपाल से किश्तवाड़ पहुंचा था। मेहराजुद्दीन ने आतंकी मौलाना मसूद अजहर की रिहाई के लिए आइएसआइ, लश्कर और हरकत-उल-जेहाद-ए-इस्लामी के साथ हाथ मिलाया था। मेहराजुद्दीन नेपाल की राजधानी काठमांडू में पाकिस्तान के वरिष्ठ डिप्लोमेट अरशद चीमा का खास था और उसने उसके साथ मिलकर ही इंडियन एयलाइंस के विमान के अपहरण की साजिश में अहम भूमिका निभाई थी। मेहराजुद्दीन ने विमान का अपहरण करने वाले पांच आतंकियों के लिए फर्जी दस्तावेज व अन्य साजो सामान का बंदोबस्त किया था। मेहराजुद्दीन ने देश भर में विभिन्न आतंकी घटनाओं में प्रमुख भूमिका निभाई है। दिल्ली के लाजपत नगर में वर्ष 1996 में हुए बम धमाकों में भी उसी का हाथ था। मेहराजुद्दीन नेपाल में रहकर आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था। वह हवाला के जरिये पैसे का बंदोबस्त करने, जाली पासपोर्ट तैयार करने और हथियार उपलब्ध कराने का जिम्मा संभाले हुए था। आइएसआइ और हिज्बुल के सरगना सलाहुद्दीन का खास समझा जाने वाला मेहराजुद्दीन हिज्बुल के शुरुआती आतंकियों में शामिल था। वह वर्ष 1992 में पकड़ा गया, लेकिन 1994 के शुरुआत में जेल से छूट गया। वह जैश के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई रौउफ का भी करीबी था। कंधार कांड : इंडियन एयरलाइंस के विमान को 1999 में हाईजैक कर लिया गया। इसमें 178 यात्री थे। विमान में पांच अपहरणकर्ता भी सवार थे। पहले विमान को अमृतसर फिर लाहौर के रास्ते कंधार ले जाया गया। एक जनवरी, 2000 को तीन आतंकियों के बदले विमान को छोड़ा गया।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण, पेज 6 , 14-09-2012   आतंकवाद