Monday, October 3, 2011

दिल्ली को आतंकी हमलों से बचाने को केंद्र व राज्य तलब

 नई दिल्ली दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आतंकी हमले रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने की एक याचिका पर बुधवार को केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर इस संबंध में जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने दोनों सरकारों से छह हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। दोनों सरकारों को राजधानी में आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए उपयुक्त प्रबंध करने संबंधी याचिका को संज्ञान में लिया। 22 सितंबर को यह याचिका न्यायमूर्ति आर एस एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष आई थी। जिसे उन्होंने यह कहते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई करने वाली दो सदस्यीय खंडपीठ के पास भेज दिया कि यह मामला जनहित से जुड़ा है। यह याचिका सोसायटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म ने दायर की है। जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार व दिल्ली सरकार को निर्देश दिए जाएं कि वह ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रबंध करे। जिसके लिए अलग-अलग इलाकों में रेपिड एक्शन फोर्स व नेशनल सिक्योरटी गार्ड को तैनात किया जाए। इतना ही नहीं निश्चित समय में एनएसजी बैटालियन के स्टेशन भी बना दिए जाए। इस तरह की गतिविधियों से निपटने के लिए पुलिस को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाए। इतना ही नहीं एक केंद्रित इंटेलिजेंस सिस्टम भी बनाया जाना चाहिए। सात सितंबर को हाईकोर्ट के बाहर हुई घटना का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को आपदा प्रबंधन एजेंसियों को उपयुक्त उपकरण,वाहन आदि सुविधा देनी चाहिए ताकि घटना के समय वह ठीक से काम कर पाए। इतना ही नहीं आतंकवादी घटनाओं जैसी विशेष परिस्थितियों से निपटने के लिए एक उपयुक्त आपदा प्रबंधन कमेटी गठित की जानी चाहिए। निचली अदालत,हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के अलावा अलग-अलग जगहों पर सीसीटीवी भी लगाए जाए। देश की राजधानी दिल्ली अब तक सबसे अधिकआतंकियों का निशाना बनी है

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