Sunday, October 2, 2011

आतंकवाद से निपटने में नाकाम साबित हो रहा पाक

पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहा है। उसके आतंकवाद निरोधी कदमों का कोई परिणाम नहीं निकला है। यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान पर कांग्रेस को भेजी गई रिपोर्ट में कही है। उन्होंने कहा, वर्ष 2010 में आई बाढ़ के बाद चार महीने की शांति यह दर्शाती है कि आतंकी किस प्रकार उन इलाकों में लौटने में सफल रहे हैं, जहां पाकिस्तानी सेना ने उनका सफाया कर दिया था। आतंकवाद निरोधक अभियानों में पाकिस्तान के प्रयास नामक रिपोर्ट में इस वर्ष जनवरी से अगस्त तक पाकिस्तान और अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हुई प्रगति का ब्योरा है। इसके अनुसार, सीमा पार समन्वय और सहयोग में हुई प्रगति के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं। संघीय प्रशासित कबायली क्षेत्रों (फाटा) में पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई जारी है, लेकिन फाटा सीमा पर हमले जारी हैं जिसके बढ़ने के आसार हैं। अफगानिस्तान पाकिस्तान सीमा पर आतंकी गतिविधियां दोनों देशों में स्थिरता के प्रयासों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने उत्तरी वजीरिस्तान, तिराह घाटी और खैबर में आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए एक अप्रैल से 30 जून के बीच दो नई आतंकवाद निरोधी काउंटर इंसर्जेसी (कॉइन) कार्रवाई की शुरुआत की, लेकिन इससे खास अंतर नहीं पड़ा। ओसामा की बीवी छुड़ाने की साजिश नाकाम लंदन : पाकिस्तानी पुलिस की हिरासत से पूर्व अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की तीसरी पत्नी को छुड़ाने की आतंकी संगठन तालिबान की कोशिशें नाकाम साबित हुई। ब्रिटिश अखबार द सन की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान सरगना मुल्ला उमर ने करीब 500 आतंकियों को पाकिस्तान के कड़ी सुरक्षा वाले ठिकाने पर हमला करने को कहा था, जहां ओसामा की तीसरी पत्‍‌नी समेत अन्य दो बीवियों और पांच बच्चों को पूछताछ के लिए रखा गया है। इस सुरक्षित ठिकाने की सूचना पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के किसी मुखबिर ने तालिबान को दी थी। पुलिस ने ओसामा की बीवियों और बच्चों को पहले ही उस जगह से हटा दिया गया था। आइएसआइ के सूत्रों ने बताया,पिछले कुछ सप्ताह से हम कबाइली इलाके के फोन कॉल की निगरानी कर रहे थे। इस हमले की खबर हमें पहले ही मिल गई थी। अब ओसामा के परिवार की सुरक्षा पहले से भी ज्यादा कड़ी कर दी गई है। ओसामा की बीवियों और बच्चों को छुड़ाने की कोशिशों को देखते हुए उनके ठिकाने तीन बार बदले जा चुके हैं। पाकिस्तान के छावनी शहर एबटाबाद में गत दो मई को अमेरिकी कार्रवाई में ओसामा मारा गया था। ओसामा को बचाने की कोशिश में यमन मूल की 29 वर्षीया अमल के पैर में गोली लग गई थी। उसे ओसामा से एक दस साल की बेटी भी है। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों का आरोप है कि वो जांच में सहयोग नहीं कर रही। उसने अधिकारियों के सामने अपनी शेखी बघारते हुए कहा कि उसे बंदूक और राकेट लांचर चलाना आता है। उसने कहा, मैं बच्चों को मुजाहिद्दीन बनाना चाहती हूं।

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