Sunday, December 19, 2010

नक्सलियों का एलान हथियार दो या जान

संजय सिंह, भागलपुर खगडि़या व मुंगेर जिले की सीमा पर स्थित हिरणमार दियारा में माओवादियों ने यह एलान कर रखा है कि बीते दिनों उनके साथियों की हत्या कर लूटे गए हथियार उन्हें दे दिए जाएं, वरना वे दोषियों की हत्या कर देंगे। इस एलान के बाद एक दर्जन गांव के लोगों ने पलायन कर अपने रिश्तेदारों के घर शरण ले रखी है। नक्सलियों के गुस्से पर काबू पाने के लिए पुलिस ने भी अपना पैंतरा बदला है। घटना में शामिल संदिग्ध 13 लोगों से मुंगेर जिले के विभिन्न थानों में पूछताछ कर रही है। राज्य के डीजीपी नीलमणि ने मुंगेर आकर हिरणमार दियारा की स्थिति का पूरा जायजा लिया है और माओवादियों के बदले की कार्रवाई को रोकने के लिए हर कदम उठाने का निर्देश दिया है। मुंगेर के हिरणमार दियारा में 29 नवंबर की रात अपराधियों ने करीब एक दर्जन नक्सलियों की हत्या कर उनके हथियार लूट लिए थे। पुलिस के एक वरीय अधिकारी ने बताया कि माओवादियों की हत्या का षड्यंत्र दियारा में सक्रिय आपराधिक गिरोह द्वारा रची गई थी। अपराधियों की मंशा माओवादियों से लूटे गए हथियार की बदौलत अपने गिरोह को सशक्त बनाने की थी, जिसमें वे सफल भी रहे। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से बरामद एक रजिस्टर से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस की भांति नक्सलियों का भी अपना कोत (हथियार रखने की जगह) है। यह कोत खगडि़या के परबत्ता थाना क्षेत्र स्थित कोलवरा गांव में है। रजिस्टर में इस बात के भी प्रमाण मिले हैं कि घटना से दो दिन पूर्व बेगूसराय व खगडि़या के 17 सक्रिय माओवादियों को चार इंसास व दो एसएलआर सहित 17 राइफल आवंटित किए गए थे। वहां बरामद नक्शा इस बात का गवाह है कि माओवादियों की योजना खगडि़या या मुंगेर जिले के किसी थाने पर हमला करने की थी। पर इसमें वे सफल नहीं हो पाए।

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