शिकागो, प्रेट्र
: मंुबई हमलों (26/11) में
अपनी भूमिका स्वीकार चुकेलश्कर आतंकी डेविड कोलमैन हेडली
उर्फ दाऊद गिलानी को अगले साल 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
जबकि उसके सहयोगी पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा
को 15 जनवरी
को सजा सुनाई जाएगी। इससे पहले राणा को सजा सुनाने की तारीख
चार दिसंबर मुकर्रर की गई थी। शिकागो कोर्ट के
प्रवक्ता रैंडल सैमबोर्न ने बताया कि अमेरिकी जिला जज हैरी लेनिनवेबर
दोनों आतंकियों को सजा सुनाएंगे। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी
हेडली को मुंबई हमलों की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया है। पिछले साल
अदालत ने राणा को 26/11 हमलों
में शामिल होने के आरोपों से बरी कर दिया था। मगर
लश्कर-ए-तैयबा को साजो-सामान उपलब्ध कराने और पैगंबर मुहम्मद का कार्टून
प्रकाशित करने वाले डेनमार्क के एक अखबार पर हमले की साजिश रचने का दोषी
दोषी ठहराया था। 26 नवंबर, 2008 को
मुंबई में हुए आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे। 26/11 से
पहले मुंबई के विभिन्न ठिकानों की रेकी करने वाला 52 वर्षीय हेडली अमेरिकी
संघीय जांच एजेंसी (एफबीआइ) द्वारा लगाए लगे सभी 12 आरोपों में दोषी
ठहराया गया है। इन 12 आरोपों
में छह आरोप भारत में सार्वजनिक स्थान पर बम विस्फोट करने, भारत
और डेनमार्क में लोगों की हत्या और विकलांग बनाने, विदेशी आतंकवादियों
की मदद, लश्कर
को साजो सामान उपलब्ध कराने और भारत में छह अमेरिकी नागरिकों
की हत्या से संबंधित हैं। अदालत ने हेडली को 18 मार्च, 2010 को
सभी आरोपों का दोषी ठहराया था। भारत में सार्वजनिक स्थानों पर बम विस्फोट
की साजिश रचने और वहां पर अमेरिकी नागरिकों की हत्या से संबंधित आरोपों
के लिए उसे मौत की सजा मिल सकती थी, लेकिन एफबीआइ के साथ
हुए प्ली बार्गेन
(अपराध कबूलने के लिए की गई सौदेबाजी) के कारण वह इससे बच सकता है। ज्ञात
हो कि संघीय जांच एजेंसी एफबीआई की जांच में डेविड हेडल पर बारहों मामलों
में दोषी पाया गया है। अब डेविड हेडली को इन आरोपों के आधार पर ही सजा
सुनाई जाएगी। राणा को ज्यूरी ने 10 जून, 2011 को दोषी ठहराया था।
उसने खुद
को सभी मामलों से बरी किए जाने और फिर से मुकदमा चलाए जाने का आग्रह किया
था, जिसे
खारिज कर दिया गया था हेडली के प्रत्यर्पण पर जल्द फैसला लेगा
अमेरिका नई
दिल्ली: डेविड कोलमैन हेडली को भारत प्रत्यर्पित करने के मामले पर अमेरिका
जल्द फैसला लेने वाला है। अमेरिका के राजनीतिक मामलों के उपमंत्री वेंडी
शर्मन ने इसके संकेत दिए हैं। वहीं, भारत इस बात को लेकर
आशावान है कि
अमेरिका उसके हक में फैसला लेगा। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्रालय और अमेरिका
के न्याय विभाग के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत के
लिए बैठक की योजना बनाई जा रही है। इस दौरान हेडली और तहव्वुर हुसैन राणा
के प्रत्यर्पण के मसले पर भी चर्चा होगी। भारत के जांच अधिकारी
हेडली से पूछताछ कर चुके हैं, लेकिन पाकिस्तानी मूल के
कनाडाई व्यवसायी हुसैन राणा तक अभी तक भारतीय एजेंसियां नहीं पहुंच सकी हैं।
इन दोनों के
अलावा भारत ने हेडली की पत्नी शाजिया, गर्लफ्रेंड पोर्टिया
पीटर और एक अन्य महिला से पूछताछ के लिए भी अमेरिकी
सरकार से गुहार लगाई है।
Dainik Jagran National Edition 30-11-2012 Page-7 vkradokn)
No comments:
Post a Comment