आजकल देश की आंतरिक सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है। आतंकवाद, क्षेत्रवाद और माओवाद देश को कमजोर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह नक्सलवाद को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बता चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होते देखकर आतंकवादियों के हौसले पस्त हो रहे हैं। अपना खौफ कायम रखने के लिए वे निर्दोष लोगों की हत्याएं कर रहे हैं। सोपोर में दो सगी बहनों की हत्या इसी साजिश का हिस्सा है। वहां जैसे-जैसे माहौल सुधर रहा है, वैसे-वैसे आतंकवादियों में आक्रोष पैदा हो रहा है। सोपोर में आतंकवादियों द्वारा की गई यह घटना बड़ी सोची-समझी साजिश का हिस्सा लगती है। ताकि लोगों के मन में भय का माहौल बनें, लोग आतंक के साए में जीते रहें और आतंकी अपने नापाक इरादों में कामयाब होते रहें। मुंबई में 26/11 के हमले के बाद आतंकवाद से निपटने के लिए आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण केंद्र बनाने की योजना बनाई जा रही थी, क्योंकि ऐसे केंद्र न होने के कारण राष्ट्र को काफी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए देश का पहला और विश्व का तीसरा आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण केंद्र महाराष्ट्र राज्य के पुणे जिले के बारामती तहसील स्थित बर्हाणपुर में बनने जा रहा है। विश्व में केवल इजराइल व बांग्लादेश के ढाका में उक्त केंद्र हैं। बारामती में हवाई अड्डा होने के कारण आपातकालीन स्थिति में प्रशिक्षण केंद्र के जवानों को अच्छा प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। बर्हाणपुर, बारामती से केवल दस किलोमीटर दूरी पर है। नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड (एनएसजी) को जिस प्रकार से प्रशिक्षण दिया जाता है, उसी तरह इस केंद्र के जवानों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण देते समय विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण केंद्र, विश्वविद्यालय, सेना, अर्द्धसैनिक बल, संरक्षण विषयक संस्थाओं तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सहयोग लिया जाएगा। एक ही समय देश के लगभग 300 जवानों को केंद्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्र में प्रशिक्षणार्थियों के लिए छात्रावास, पुस्तकालय, फायरिंग रेंज, परेड ग्राउंड, अध्ययन कक्ष आधुनिक पद्धति से बनाए जाएंगे। उनके लिए पढ़ाई एवं अनुसंधान के लिए भी विभिन्न विषयों का चयन किया गया है। आतंकवादी हमलों का विचार करते हुए बांध, हवाई अड्डा, पेट्रोलियम पदार्थों के भंडार के स्थान तथा धार्मिक स्थानों की सुरक्षा के बारे में जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। साइबर क्राइम के बारे में जानकारी, अंतराष्ट्रीय संबंध, सामाजिक एवं राजनीतिक परिस्थिति के बारे में व्याख्यानों, परिचर्चाओं एवं संगोष्ठियों का प्रशिक्षण केंद्र में आयोजन किया जाएगा। इस प्रशिक्षण केंद्र के बन जाने से न केवल आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों में सहयोग मिलेगा, बल्कि देश में हो रहे आंतरिक सुरक्षा कार्यक्रम में भी इस केंद्र का महत्वपूर्ण योगदान होगा। देश के कई राज्यों में नक्सलवाद अपने पैर पसार रहा है, जिनमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है। यहां ऑपरेशन ग्रीन हंट शुरू होने के बाद 2009 में 87, 2010 में 252 और 2011 के जनवरी माह तक 11 माओवादियों की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी वर्ष 2010 के दौरान 274 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया और तीन ने आत्मसमर्पण किया। नक्सल प्रभावित राज्यों में कई नक्सलवादियों को गिरफ्तार किया गया है- बिहार में 187, झारखंड में 180, उड़ीसा में 163, आंध्र प्रदेश में 77, महाराष्ट्र में 43, उत्तर प्रदेश में 35 और कर्नाटक में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। आतंकवाद, नक्सलवाद और माओवाद की चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को मिलकर इस दिशा में काम करने की जरूरत है। (लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं)
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