Monday, February 7, 2011

कश्मीर के लिए जेयूडी ने की परमाणु युद्ध की वकालत


पाकिस्तानी आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) ने भारत के खिलाफ जिहाद का ऐलान करते हुए कश्मीर के लिए लड़ाई में परमाणु युद्ध की वकालत की है। कश्मीर एकता दिवस के उपलक्ष्य में लाहौर के मुख्य मार्ग पर शनिवार को आयोजित रैली में जेयूडी सरगना हाफिज सईद ने कहा-कश्मीर की लड़ाई में जिहाद को अपनाया जाना चाहिए। भले ही भारत के साथ परमाणु युद्ध ही क्यों न छिड़ जाए। सईद ने कहा-मैं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को संदेश देना चाहता हूं कि कश्मीर को छोड़ दें या युद्ध के लिए तैयार रहें। कश्मीर समस्या के हल का एकमात्र रास्ता जिहाद है। जाहिर हो कि हाफिज सईद मुंबई हमले-26/11 का मास्टरमाइंड है। सईद ने कहा कि जिहाद तब तक जारी रहना चाहिए जब तक कश्मीर पर भारत का अधिकार है। इसके लिए भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु यद्ध होने पर भी कोई समस्या नहीं है। जेयूडी के दूसरे नंबर के सरगना अब्दुर्रहमान मक्की की मांग थी कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को कश्मीर में जिहाद के लिए एक स्वतंत्र मंत्रालय बनाना चाहिए। यदि प्रधानमंत्री उसके प्रस्ताव को स्वीकार कर लेते हैं तो जेयूडी इस मंत्रालय को राशि उपलब्ध कराएगा। मक्की ने कहा कि वह जिहाद के लिए दस लाख प्रशिक्षित लड़ाके उपलब्ध करा सकता है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख से उसकी मांग थी कि वह लड़ाकों को राइफल उपलब्ध कराएं। जमात-ए-इस्लामी के महासचिव लियाकत बलोच ने भी कहा कि मुस्लिमों के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे जिहाद के लिए तैयार रहें। सईद के एक प्रमुख सहयोगी और कश्मीर एक्शन कमेटी के चेयरमैन हाफिज सैफुल्लाह मंसूर ने कहा कि यदि कश्मीर के लिए युद्ध में परमाणु हथियार की आवश्यकता हो तो सरकार को इसका प्रयोग करना चाहिए। मरकजी जमीयत अहल-ए-हदीस के नेता राणा नसरुल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार केवल निवारण के लिए नहीं हैं। कश्मीर की आजादी के लिए भारत के विरुद्ध इसका प्रयोग किया जाना चाहिए।



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