Thursday, March 3, 2011

पाकिस्तान के अल्संख्यक मंत्री भी ईशनिंदा की भेंट चढ़े


पाकिस्तान का ईशनिंदा कानून दो महीने के भीतर सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के दूसरे बड़े नेता की हत्या का कारण बना है। बुधवार को कट्टरपंथियों ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शहबाज भट्टी की दिनदहाड़े सरेआम गोलियां बरसा कर हत्या कर दी। 42 वर्ष के भट्टी केंद्रीय मंत्रिमंडल में एकमात्र ईसाई सदस्य थे। कुछ रिपोर्टो में भट्टी की हत्या के लिए आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान को जिम्मेदार बताया गया है। हत्यारों ने मौका-ए-वारदात से भागते वक्त पर्चे फेंके, जिन पर फिदायीन ए मुहम्मद और पंजाब अल-कायदा के नाम लिखे थे। उनमें उर्दू में लिखा था कि जो भी पैगंबर मुहम्मद की निंदा करेगा, उसे मौत दी जाएगी। इन संगठनों के नाम पाकिस्तान में ईशनिंदा की आड़ में हुई हत्याओं के मामले में पहले आ चुके हैं। इससे पहले इस साल चार जनवरी को पंजाब प्रांत के गर्वनर सलमान तासीर को उनके ही अंगरक्षक ने गोलियों से छलनी कर दिया था। नहीं थे सुरक्षागार्ड टेलीविजन रिपोर्टो के अनुसार, भट्टी दोपहर 11 बजकर 20 मिनट पर कैबिनेट की बैठक में भाग लेने से लिए जा रहे थे। उनके साथ उनकी भतीजी और ड्राइवर थे। खास बात यह कि उस समय उनके साथ कोई सुरक्षागार्ड नहीं था। जब भट्टी कार में बैठ गए, तभी एक अन्य कार से हमलावर आए। वे चार थे। उनके हाथ में बंदूकें थीं। उन्होंने कार को घेर लिया। उनमें से तीन कार के नजदीक गए और ड्राइवर तथा भट्टी की भतीजी को खींच कर कार से उतार दिया। इसके बाद हमलावरों ने बंदूकों के मुंह खोल दिए। भट्टी को तत्काल पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह पहले ही दम तोड़ चुके थे। आठ गोलियां उनके जिस्म में लगीं थीं। मां से आखिरी मुलाकात इस्लामाबाद पुलिस प्रमुख वाजिद दुर्रानी ने मीडिया से कहा कि हत्यारे सफेद कार में आए थे और शलवार-कमीज पहने थे। उन्होंने बताया कि मंत्री को दो एस्कॉर्ट गाडि़यां और अ‌र्द्धसैनिक बल के गा‌र्ड्स दिए गए थे। भट्टी अपनी मां से मिलने के लिए उनके घर गए थे। जब वे बाहर निकल कर आए, तभी यह हादसा हुआ। दुर्रानी ने बताया कि भट्टी ने अपने सुरक्षा गार्डो से कहा था कि वह अपनी मां से मिल कर जल्दी ही लौट आएंगे। अत: दफ्तर में ही उनका इंतजार करें। भट्टी को उनके उदारवादी नजरिये और अल्पसंख्यकों के हितों का पक्षधर होने के कारण पहले भी हत्या की धमकियां मिल चुकी थीं। सरकार भी इन धमकियों के प्रति संवेदनशील थी। इसलिए जहां दूसरे मंत्रियों को मात्र एक एस्कॉर्ट गाड़ी दी गई, भट्टी को दो गाडि़यां मिली हुई थीं। वेटिकन ने चिंता जताई वेटिकन सिटी : वेटिकन ने पाकिस्तान में इस्लामिक ईशनिंदा कानून का विरोध करने वाले ईसाई मंत्री शहबाज भट्टी की हत्या को जघन्य अपराध करार दिया है। वेटिकन ने पाकिस्तान से ईसाइयों की सुरक्षा के लिए इंतजाम करने मांग भी की है। वेटिकन प्रवक्ता फेडरिको लोम्बार्डी ने कहा, हम इस अवर्णनीय हिंसात्मक कृत्य की निंदा करते हैं। पाकिस्तान में घृण का शिकार हो रहे ईसाइयों से हम निकटता भी प्रदर्शित करते हैं और हम धार्मिक स्वतंत्रता खासकर हिंसा और उत्पीड़न का शिकार हो रहे ईसाइयों की धार्मिक आजादी की तत्काल रक्षा की अपील करते हैं। वेटिकन लंबे समय से पाकिस्तान के ईशनिंदा कानून में बदलाव की मांग कर रहा है। अब निशाने पर शेरी रहमान? लाहौर, एजेंसी : पाकिस्तान में पंजाब के गवर्नर सलमान तसीर और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री शहबाज भट्टी की हत्या के बाद पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री शेरी रहमान को लेकर आशंकाएं पैदा हो गई हैं। तीनों ने ही ईशनिंदा कानून में सुधार करने की मांग करके कट्टरपंथियों की नाराजगी मोल थी। अब चर्चा है कि क्या चरमपंथी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता शेरी रहमान को निशाना बना सकते हैं? मारे गए दोनों नेता भी पीपीपी से थे। रहमान ने पाकिस्तान विधानसभा में निजी प्रस्ताव पेश कर इस कानून में बदलाव की मांग की थी। हालांकि बाद में उन्होंने पीपीपी के शीर्ष नेताओं के दबाव में आकर अपने प्रस्ताव को वापस ले लिया था। प्रस्ताव लाने के बाद उन्हें चरमपंथियों की धमकियां मिलने लगी थीं। फरवरी में मुल्तान की जिला अदालत ने प्रांतीय पुलिस से शेरी रहमान के खिलाफ ईशनिंदा कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। फहीम गुल नाम के शख्स ने कोर्ट में दायर अर्जी में दा वा किया था कि रहमान ने पिछले साल नवंबर में टीवी कार्यक्रम में ईशनिंदा कानून की आलोचना की थी|

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