Thursday, January 31, 2013

उप्र में आतंकवाद की आड़ में बंद मुस्लिमों की रिहाई जल्द




ठ्ठजागरण ब्यूरो, लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी ने चुनाव घोषणा पत्र में स्पष्ट तौर यह वादा किया था कि दहशतगर्दी के खिलाफ कार्रवाई की आड़ में प्रदेश के जिन बेकसूर मुस्लिमों नौजवानों को जेलों में डाला गया है उन्हें रिहा कराया जाएगा। साथ ही उनके पुनर्वास के लिए मुआवजे के साथ इंसाफ भी दिया जाएगा। चुनाव घोषणा पत्र के सभी वादों को पूरा करने के लिए सरकार कृत संकल्पित हैं।इस संबंध में कार्रवाई शुरू भी हो गई है। मुख्यमंत्री ने यह आश्र्वासन मंगलवार को माकपा नेताओं को दिया। माकपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रकाश करात और पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर अदालत से निर्दोष घोषित हुए आतंकी आरोपियों को पुनर्वासित करने की मांग की थी। माकपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को नौ मुस्लिम युवाओं का विवरण देते हुए बताया कि पुलिस ने इन्हें आतंकी होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इनके नाम वासिफ हैदर, शफाअत रसूल हाजी अतीक (सभी कानपुर निवासी) हैं। इनको आठ-आठ वर्ष का समय जेल में बिताना पड़ा। कानपुर के ही मुमताज अहमद को नौ वर्ष जेल में बिताने पड़े। अदालत में पुलिस इन्हें आतंकी साबित नहीं कर पाई, जिसके बाद इनकी रिहाई हुई। सवाल यह है कि निर्दोष होने के बावजूद उनको आतंकी होने के आरोप में जो वर्ष जेल में काटने पड़े, उसकी भरपाई कैसे मुमकिन है? मुख्यमंत्री ने आश्र्वस्त किया कि सरकार इस मामले में गंभीर है और निर्दोष लोगों को राहत दिलाने तथा केस वापस लेने में उसकी उचित भूमिका रहेगी।
 Dainik jagran National Edition 30-01-2013 Page -5 vkradokn)

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