पंकज त्यागी, नई दिल्लीः पटना
सीरियल बम ब्लास्ट केस में वॉन्टेड तहसीन अख्तर उर्फ मोनू ने वाराणसी और
मुंबई में खुद बम प्लांट कर सीरियल बम धमाके कराए थे। रिमांड पर यासीन ने
पुलिस को बताया है कि तहसीन अख्तर भाग कर नेपाल में जा सकता है। यासीन भटकल
की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में बैठे इंडियन मुजाहिदीन के सरगनाओं ने
भारत में की जाने वाले आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी तहसीन अख्तर को दी थी।
नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान पटना में हुए सीरियल बम धमाकों के केस की जांच कर रही एनआईए की टीम को गिरफ्तार मुलजिम इम्तियाज अंसारी ने कई अहम जानकारियां दी हैं। एनआईए सूत्रों के अनुसार, इम्तियाज अंसारी ने बताया कि 7 दिसंबर 2010 को वाराणसी में हुए सीरियल बम धमाकों में बम प्लांट करने तहसीन गया था। उसने शीतला घाट पर बम प्लांट किया था। उस दौरान एक विदेशी टूरिस्ट वहां वीडियो बना रहा था। पुलिस को उस वीडियो में एक युवक बैग लेकर घाट पर जाते हुए और खाली हाथ वापस आते हुए नजर आया था, लेकिन तब उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। अगस्त में यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद तहसीन के बारे में जानकारी मिली तो एनआईए ने उस वीडियो को फिर से चेक किया था।
एनआईए के अफसरों के मुताबिक, 'उस फुटेज में नजर आ रहा युवक तहसीन अख्तर ही है। वाराणसी में बम प्लांट करने के दौरान वह यासीन भटकल की सरपरस्ती में था।' इम्तियाज अंसारी ने एनआईए को यह भी बताया है कि तहसीन ने 13 जुलाई 2011 को मुंबई में झावेरी बाजार, ओपेरा हाउस और दादर में हुए सीरियल बम धमाकों में भी बम प्लांट किया था। इम्तियाज के मुताबिक, तहसीन अख्तर को यासीन भटकल उर्फ अहमद सिद्दीबापा ने मुंबई में बुलाया था। इसके बाद तहसीन ने इस साल सात जुलाई को बोधगया के महाबोधि मंदिर में बम धमाके किए
इम्तियाज का बयान है कि बोधगया में भी बम प्लांट करने तहसीन गया था। एनआईए को यह जानकारी भी मिली है कि नरेंद्र मोदी की रैली में भगदड़ मचाकर सैकडों लोगों की जानें लेने की साजिश तैयार करने के बाद अपने ग्रुप के साथ तहसीन भी पटना आया था। बम धमाके होने के बाद वह फरार हो गया था। उसके साथ उसका सबसे भरोसेमेंद साथी वकास भी भागने में कामयाब रहा था। दूसरी ओर, बम में टाइमर फिट करने के दौरान हुए धमाके में साथी की मौत के बाद भाग रहे इम्तियाज को पुलिस ने दबोच लिया था। तहसीन पर एनआईए ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार को यासीन भटकल से तहसीन अख्तर के बारे में पूछताछ की। यासीन ने पुलिस को बताया कि तहसीन अख्तर भाग कर नेपाल में जा सकता है। तहसीन नेपाल में यासीन के ठिकानों के बारे में जानता था। एनआईए इस मामले में नेपाल की पुलिस से सहयोग ले सकती है। एनआईए ने नेपाल पुलिस के सहयोग से ही यासीन भटकल को गिरफ्तार किया था।
NBT 31-10-2013 E News
नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान पटना में हुए सीरियल बम धमाकों के केस की जांच कर रही एनआईए की टीम को गिरफ्तार मुलजिम इम्तियाज अंसारी ने कई अहम जानकारियां दी हैं। एनआईए सूत्रों के अनुसार, इम्तियाज अंसारी ने बताया कि 7 दिसंबर 2010 को वाराणसी में हुए सीरियल बम धमाकों में बम प्लांट करने तहसीन गया था। उसने शीतला घाट पर बम प्लांट किया था। उस दौरान एक विदेशी टूरिस्ट वहां वीडियो बना रहा था। पुलिस को उस वीडियो में एक युवक बैग लेकर घाट पर जाते हुए और खाली हाथ वापस आते हुए नजर आया था, लेकिन तब उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। अगस्त में यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद तहसीन के बारे में जानकारी मिली तो एनआईए ने उस वीडियो को फिर से चेक किया था।
एनआईए के अफसरों के मुताबिक, 'उस फुटेज में नजर आ रहा युवक तहसीन अख्तर ही है। वाराणसी में बम प्लांट करने के दौरान वह यासीन भटकल की सरपरस्ती में था।' इम्तियाज अंसारी ने एनआईए को यह भी बताया है कि तहसीन ने 13 जुलाई 2011 को मुंबई में झावेरी बाजार, ओपेरा हाउस और दादर में हुए सीरियल बम धमाकों में भी बम प्लांट किया था। इम्तियाज के मुताबिक, तहसीन अख्तर को यासीन भटकल उर्फ अहमद सिद्दीबापा ने मुंबई में बुलाया था। इसके बाद तहसीन ने इस साल सात जुलाई को बोधगया के महाबोधि मंदिर में बम धमाके किए
इम्तियाज का बयान है कि बोधगया में भी बम प्लांट करने तहसीन गया था। एनआईए को यह जानकारी भी मिली है कि नरेंद्र मोदी की रैली में भगदड़ मचाकर सैकडों लोगों की जानें लेने की साजिश तैयार करने के बाद अपने ग्रुप के साथ तहसीन भी पटना आया था। बम धमाके होने के बाद वह फरार हो गया था। उसके साथ उसका सबसे भरोसेमेंद साथी वकास भी भागने में कामयाब रहा था। दूसरी ओर, बम में टाइमर फिट करने के दौरान हुए धमाके में साथी की मौत के बाद भाग रहे इम्तियाज को पुलिस ने दबोच लिया था। तहसीन पर एनआईए ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बुधवार को यासीन भटकल से तहसीन अख्तर के बारे में पूछताछ की। यासीन ने पुलिस को बताया कि तहसीन अख्तर भाग कर नेपाल में जा सकता है। तहसीन नेपाल में यासीन के ठिकानों के बारे में जानता था। एनआईए इस मामले में नेपाल की पुलिस से सहयोग ले सकती है। एनआईए ने नेपाल पुलिस के सहयोग से ही यासीन भटकल को गिरफ्तार किया था।
NBT 31-10-2013 E News
